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स्पोर्ट्स डेस्क: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान और बीसीसीआई के मौजूदा अध्यक्ष सौरव गांगुली का मानना है कि इस साल वीवो का आईपीएल के टाइटल प्रायोजन से हटना बोर्ड को कोई बड़ा नुकसान नहीं होगा। बता दें, विवो ने 2018 से 2022 तक पांच साल के लिए 2190 करोड़ रूपए (प्रत्येक वर्ष करीब 440 करोड़ रूपए) में आईपीएल प्रायोजन अधिकार हासिल किए थे। बीसीसीआई के अपने संविधान के अनुसार नए टाइटल प्रायोजक के लिए निविदा प्रक्रिया शुरू करने की संभावना है। 

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दरअसल, गांगुली ने शैक्षिक किताबों के प्रकाशक एस चंद ग्रुप द्वारा शनिवार को आयोजित वेबिनार के दौरान कहा, ‘मैं इसे वित्तीय संकट नहीं कहूंगा। यह महज छोटा सा झटका है।' उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई बहुत मजबूत संस्था है- बीते समय में खेल, खिलाड़ियों, प्रबंधकों ने इस खेल को इतना मजबूत बना दिया है कि बीसीसीआई इन सभी झटकों से निपटने में सक्षम है।' टाइटल प्रायोजन आईपीएल के व्यवसायिक राजस्व का अहम हिस्सा है जिसका आधा भाग सभी आठों फ्रेंचाइजी में बराबर बराबर बांटा जाता है।

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पूर्व भारतीय कप्तान ने कहा, ‘आप अपने अन्य विकल्प खुले रखते हो। यह इसी तरह है जैसे पहली योजना और दूसरी योजना। समझदार लोग ऐसा करते हैं। समझदार ब्रांड ऐसा करते हैं। समझदार कॉरपोरेट ऐसा करते हैं।' उन्होंने कहा, ‘आप इसे एक ही तरीके से कर सकते हो कि आप कुछ समय के बाद पेशेवर रूप से मजबूत हो जाओ। बड़ी चीजें रातों रात हासिल नहीं की जातीं। और बड़ी चीजें रातों रात नहीं चली जातीं। लंबे समय के लिये आपकी तैयारियां आपको नुकसान के लिये तैयार रखती हैं और आपको सफलता के लिये तैयार रखती हैं।'

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गौर हो कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने भारत और चीन के बीच बढ़ते तनाव के बीच गुरूवार को चीनी मोबाइल फोन कंपनी विवो के साथ इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के आगामी सत्र के लिए टाइटल प्रायोजन करार निलंबित कर दिया। बीसीसीआई ने एक पंक्ति का बयान भेजा जिसमें कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई और इसमें कहा गया कि विवो इस साल आईपीएल के साथ जुड़ा नहीं होगा।

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