विशाखापत्तनम: भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ने न्यूजीलैंड के खिलाफ विशाखापत्तनम की सुहावनी रात में खेली गई अपनी तूफानी पारी से यह साबित कर दिया कि वह अब सिर्फ ताकत के भरोसे खेलने वाले बल्लेबाज़ नहीं रहे। चौथे टी20 इंटरनेशनल में 23 गेंदों पर 65 रन जड़ने वाले दुबे ने अपनी इस धमाकेदार बल्लेबाज़ी का श्रेय बदली हुई, निडर और समझदार मानसिकता को दिया।
तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ भी दिखा आत्मविश्वास
हालांकि लेग स्पिनर ईश सोढ़ी के एक ओवर में बनाए गए 29 रन सबसे ज्यादा चर्चा में रहे, लेकिन जैकब डफी और मैट हेनरी जैसे तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ लगाए गए तीन छक्के भी उतने ही अहम रहे। यह साफ संकेत था कि अब शिवम दुबे सिर्फ स्पिनरों को ही निशाना नहीं बनाते, बल्कि तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ भी पूरी सहजता से बड़े शॉट खेलने लगे हैं।
‘लगातार खेलने से मेरी मानसिकता बदली’
भारत की 50 रन से हार के बाद दुबे ने संवाददाताओं से कहा, 'यह सब मेरी कड़ी मेहनत का नतीजा है। लगातार मैच खेलने और ऐसी परिस्थितियों में बल्लेबाज़ी करने से मेरी मानसिकता बेहतर हो रही है। अब मैं समझने लगा हूं कि आगे क्या होने वाला है और गेंदबाज़ मेरे खिलाफ क्या सोचकर गेंदबाज़ी करेगा।'
गेंदबाज़ी का मौका न मिलने पर भी सकारात्मक सोच
इस सीरीज़ में दुबे ने नियमित रूप से गेंदबाज़ी की है, लेकिन इस मुकाबले में भारत पांच प्रमुख गेंदबाज़ों के साथ उतरा था, जिससे उन्हें गेंदबाज़ी का मौका नहीं मिला। यहां तक कि हार्दिक पंड्या को भी गेंद नहीं सौंपी गई।
इस पर दुबे ने कहा, 'मेरी बल्लेबाज़ी और गेंदबाज़ी दोनों के लिए यह अहम है। गौतम भाई (गंभीर) और सूर्या भाई (सूर्यकुमार यादव) की वजह से मुझे गेंदबाज़ी का मौका मिलता है। जब आप गेंदबाज़ी करते हैं, तो आप अपने आप थोड़ा स्मार्ट हो जाते हैं।'
‘अनुभव ने मुझे बेहतर क्रिकेटर बनाया’
शिवम दुबे ने स्वीकार किया कि नियमित तौर पर खेलने से वह पिछले कुछ महीनों में एक क्रिकेटर के रूप में काफी परिपक्व हुए हैं।
उन्होंने कहा, 'मैंने वाकई कड़ी मेहनत की है। मुझे बल्लेबाज़ी, गेंदबाज़ी सब कुछ करने का मौका मिला है। अनुभव नाम की भी एक चीज होती है और वह मुझे मिल रहा है। यह सही दिशा में आगे बढ़ रहा है।'
हर मैच में खुद को बेहतर बनाने की कोशिश
दुबे ने आगे कहा, 'सभी खिलाड़ी और टीमें खुद को बेहतर बनाती रहती हैं। ऐसे में मैं कैसे पहले जैसा बना रह सकता हूं? मैं हर अगले मैच में थोड़ा और बेहतर, थोड़ा और स्मार्ट बनने की कोशिश करता हूं।'
बीच के ओवरों में स्ट्राइक रेट बनाए रखना लक्ष्य
दुबे का मानना है कि तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ सहज होकर खेलने से विपक्षी टीम पर ज्यादा दबाव बनता है।
उन्होंने कहा, 'मेरा काम बीच के ओवरों में स्ट्राइक रेट ऊंचा बनाए रखना है। चाहे स्पिनर हों या तेज गेंदबाज़। मुझे पता है कि स्पिनरों को खेलना मेरी ताकत है, लेकिन अब मैं तेज गेंदबाज़ों के खिलाफ भी दबाव बना सकता हूं।'