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स्पोर्ट्स डेस्क : पूर्व भारतीय क्रिकेटर सचिन तेंदुलकर और सौरव गांगुली की जोड़ी सबसे सफल ओपनिंग साझेदारी जोड़ी रही है। लेकिन ऐसी अफवाहें प्रचलित हैं कि जब भी ये दोनों ओपनिंग करने उतरते थे तो सचिन हमेशा से चाहते थे कि गांगुली ही पहली गेंद का सामना करें। इस बात में कितनी सच्चाई है या ये एक मिथ्या है अब इस बारे में गांगुली ने खुलासा किया है। 

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मयंक अग्रवाल के साथ वीडियो चैट 'ओपन नेट्स विद मयंक' में जब खिलाड़ी ने पूछा कि क्या क्या सचिन पाजी ने आपको एकदिवसीय मैचों में बल्लेबाजी के लिए स्ट्राइक लेने के लिए मजबूर किया करते थे? इस पर गांगुली ने कहा कि हमेशा, उन्होंने ऐसा किया। गांगुली ने कहा कि मैं उनसे कहता था तुम भी कभी पहली गेंद का सामना कर लिया करो। मैं हमेशा पहली गेंद का सामना करता हूं। 

गांगुली ने कहा कि ऐसे में उसके पास इसके दो जवाब हुआ करते थे। एक उनका मानना था कि यदि उनका फॉर्म अच्छा है तो उन्हें नॉन-स्ट्राइकर एंड पर बने रहना चाहिए। दूसरा, जब उसका फॉर्म अच्छा नहीं था, तो वह कहता था कि 'मुझे नॉन-स्ट्राइकर के अंत में रहना चाहिए, क्योंकि यह मुझ पर दबाव डालता है। उनके पास अच्छे फॉर्म और खराब फॉर्म दोनों का जवाब था। 

गांगुली ने इस दौरान बताया कि किस तरह उन्होंने सचिन को पहले गेंद खेलने के लिए मजबूर कर दिया था। उन्होंने कहा कि आप उसके (सचिन) करीब से जाओ और नॉन स्ट्राइकर एंड पर खड़े हो जाओ। इसके बाद वो टीवी पर होता था जिसके बाद उसपर पहली गेंद का सामना करने का दबाव होता था। उन्होंने कहा कि ऐसा एक-दो बार हुआ है। इसका वीडियो बीसीसीआई के आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर भी डाला गया है। 

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