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वडोदरा : महिला प्रीमियर लीग (WPL) का फाइनल गुरुवार को वडोदरा में खेला जाएगा, जहां रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) दूसरी बार खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी। वहीं, पिछले तीन सीजन से फाइनल में हार झेल रही दिल्ली कैपिटल्स इस बार इतिहास बदलने और खिताबी मिथक तोड़ने के लक्ष्य के साथ उतरेगी। दोनों टीमों के हालिया फॉर्म को देखते हुए मुकाबले के रोमांचक होने की पूरी उम्मीद है।

आरसीबी का दमदार सफर और आत्मविश्वास

स्मृति मंधाना की अगुवाई में आरसीबी ने इस सत्र में हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन किया है। टीम ने लगातार पांच जीत के साथ टूर्नामेंट की शुरुआत कर इतिहास रचते हुए डब्ल्यूपीएल में ऐसा करने वाली पहली टीम बनने का गौरव हासिल किया। मुश्किल हालात में वापसी करने की क्षमता ने आरसीबी को इस सीजन की सबसे खतरनाक टीमों में शामिल कर दिया है।

बल्लेबाजी में उतार-चढ़ाव, लेकिन मैच विनर्स की भरमार

आरसीबी के कुछ बल्लेबाजों — स्मृति मंधाना, ग्रेस हैरिस, जॉर्जिया वोल और ऋचा घोष — के प्रदर्शन में निरंतरता की कमी जरूर दिखी है, लेकिन अहम मौकों पर इन्हीं खिलाड़ियों ने टीम को जीत दिलाई है। यूपी वॉरियर्स के खिलाफ ग्रेस हैरिस की 75 रन की तूफानी पारी और गुजरात जायंट्स के खिलाफ गौतमी नाइक की 73 रन की पारी इसका बड़ा उदाहरण रही।

गेंदबाजी बनी आरसीबी की सबसे बड़ी ताकत

तेज गेंदबाज नादिन डी क्लर्क और सायली सतघरे ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है। डी क्लर्क ने आठ मैचों में 15 विकेट लेकर विरोधी बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया है, जिसमें 22 रन देकर चार विकेट उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। स्पिन विभाग में श्रेयांका पाटिल ने गुजरात जायंट्स के खिलाफ पांच विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है।

दिल्ली कैपिटल्स: चौथी बार फाइनल, पहली जीत की तलाश

नई कप्तान जेमिमा रोड्रिग्स के नेतृत्व में दिल्ली कैपिटल्स ने इस सीजन मजबूती दिखाई है। पिछले तीन फाइनल हारने के बाद टीम इस बार खिताब जीतने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है। गेंदबाजी में चिनले हेनरी और नंदनी शर्मा की जोड़ी ने नई गेंद से शानदार प्रदर्शन किया है।

नंदनी शर्मा का उभरता दबदबा

नंदनी शर्मा इस सत्र में अब तक 16 विकेट लेकर टूर्नामेंट की सबसे प्रभावशाली गेंदबाजों में शामिल रही हैं। उनका निरंतर प्रदर्शन भारतीय टीम में जगह बनाने के दावे को भी मजबूत करता है। वहीं चिनले हेनरी ने अहम मौकों पर विकेट निकालकर टीम को बढ़त दिलाई है।

दिल्ली की बल्लेबाजी को मिली लय

एलिमिनेटर मुकाबले में गुजरात जायंट्स के खिलाफ लिज़ेल ली और शेफाली वर्मा की अर्धशतकीय साझेदारी ने दिल्ली की बल्लेबाजी को नई धार दी। लौरा वोलवार्ट पूरे सीजन टीम की सबसे भरोसेमंद बल्लेबाज रही हैं, जिन्होंने लगातार स्थिरता प्रदान की है। दक्षिण अफ्रीकी खिलाड़ियों की मौजूदगी ने दिल्ली को बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों में मजबूती दी है।

फाइनल में क्या होगा निर्णायक?

दिल्ली कैपिटल्स के लिए सबसे बड़ी चुनौती बड़े मौकों पर संयम बनाए रखना होगी। अगर टीम दबाव में बेहतर फैसले ले पाती है, तो फाइनल का मिथक टूट सकता है। वहीं आरसीबी अपने संतुलित संयोजन और अनुभव के दम पर खिताब बरकरार रखने के इरादे से उतरेगी।

टीमें

दिल्ली कैपिटल्स: जेमिमा रोड्रिग्स (कप्तान), तानिया भाटिया (विकेटकीपर), लुसी हैमिल्टन, चिनले हेनरी, मारिजान काप, अलाना किंग, लिज़ेल ली, मिन्नू मणि, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, शेफाली वर्मा, नंदनी शर्मा, श्री चरणी, प्रगति सिंह, एडडला स्रुजाना, लौरा वोलवार्ट

रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु: स्मृति मंधाना (कप्तान), लॉरेन बेल, नादिन डी क्लर्क, ऋचा घोष (विकेटकीपर), ग्रेस हैरिस, दयालन हेमलता, गौतमी नाइक, श्रेयांका पाटिल, कुमार प्रथ्योशा, प्रेमा रावत, अरुंधति रेड्डी, सायली सतघरे, लिन्से स्मिथ, पूजा वस्त्राकर, जॉर्जिया वोल, राधा यादव

मैच समय: शाम 7:30 बजे