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नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट के दिग्गज और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ ने युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर बड़ी बात कही है। द्रविड़ का मानना है कि 15 वर्षीय वैभव में भारत के लिए तीनों फॉर्मेट खेलने की क्षमता है, लेकिन इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय और खासकर रेड-बॉल क्रिकेट का अनुभव देना जरूरी है।

वैभव सूर्यवंशी ने कम उम्र में ही सफेद गेंद के क्रिकेट में अपनी प्रतिभा से सभी को प्रभावित किया है। अब वह दलीप ट्रॉफी में ईस्ट जोन के लिए खेलकर फर्स्ट क्लास क्रिकेट में अपना अनुभव बढ़ाने की तैयारी कर रहे हैं। राहुल द्रविड़ ने कहा कि वैभव के विकास को लेकर जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और उन्हें व्हाइट-बॉल के साथ-साथ रेड-बॉल क्रिकेट खेलने के पर्याप्त मौके मिलने चाहिए।

राहुल द्रविड़ ने कहा, 'मुझे लगता है कि आपको हमेशा संतुलन बनाना होता है। यह अच्छी बात है कि वैभव को भारत में IPL के जरिए व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलने का अनुभव मिल रहा है, लेकिन साथ ही उन्हें भारतीय घरेलू क्रिकेट में वापस जाकर रेड-बॉल क्रिकेट खेलने और अपने रेड-बॉल करियर को आगे बढ़ाने का समय भी मिल रहा है।'

द्रविड़ ने आगे कहा कि टेस्ट क्रिकेट के भविष्य के लिए वैभव जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों का सभी फॉर्मेट में खेलना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा, 'हम सभी चाहते हैं कि टेस्ट क्रिकेट बचा रहे और आगे बढ़े। हमें वैभव जैसे खिलाड़ियों की जरूरत है, जो उम्मीद है कि भविष्य में खेल के सभी फॉर्मेट खेल सकें।'

सिर्फ 8 फर्स्ट क्लास मैच खेल चुके हैं वैभव

वैभव सूर्यवंशी ने अब तक सिर्फ आठ फर्स्ट क्लास मैच खेले हैं, जिसमें उनका औसत 17.25 रहा है। राहुल द्रविड़ का मानना है कि 15 वर्षीय बल्लेबाज को लंबे फॉर्मेट में अपनी बल्लेबाजी को विकसित करने के लिए लगातार मौके और अनुभव की जरूरत है।

द्रविड़ ने कहा, 'अच्छी बात यह है कि उनके पास समय है। उन्हें अनुभव की जरूरत होगी और उन्हें काफी रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिलेगा। उन्होंने शायद व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तुलना में उतना रेड-बॉल क्रिकेट नहीं खेला है।'

उन्होंने वैभव को लेकर धैर्य रखने की अपील करते हुए कहा, 'वह अभी सिर्फ 15 साल के हैं। आपको उन्हें समय देना होगा और उनके साथ धैर्य रखना होगा। उन्होंने शुरुआत में ही शानदार सफलता हासिल की है, लेकिन उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी आएंगे। लोगों को उनके साथ धैर्य रखना होगा।'

दलीप ट्रॉफी वैभव सूर्यवंशी के लिए रेड-बॉल क्रिकेट में खुद को साबित करने का बड़ा मौका हो सकती है। उन्हें कम से कम लगातार दो फर्स्ट क्लास मैच खेलने का अवसर मिल सकता है, जबकि ईस्ट जोन के फाइनल में पहुंचने पर वह तीसरा मुकाबला भी खेल सकते हैं।

वैभव को आगे सितंबर में भी रेड-बॉल क्रिकेट खेलने का मौका मिल सकता है, जब इंडिया ए टीम ऑस्ट्रेलिया ए के खिलाफ दो अनौपचारिक टेस्ट मैच खेलेगी। यह अनुभव उनके लंबे फॉर्मेट के विकास में अहम साबित हो सकता है।

T20 लीगों के बजाय घरेलू क्रिकेट को बताया सही फैसला

राहुल द्रविड़ ने यह भी कहा कि वैभव का दुनिया भर में T20 प्रतियोगिताएं खेलने के बजाय भारतीय घरेलू रेड-बॉल क्रिकेट को प्राथमिकता देना उनके भविष्य के लिए सही फैसला है। द्रविड़ ने कहा, 'उन्हें सफलता मिलेगी, लेकिन ऐसे दौर भी आ सकते हैं जब चीजें उनके मुताबिक नहीं होंगी। हमें याद रखना चाहिए कि वह सिर्फ 15 साल के हैं और उन्हें अभी लंबा सफर तय करना है।'

उन्होंने आगे कहा, 'वैभव सूर्यवंशी दुनिया भर की T20 प्रतियोगिताएं खेलने के बजाय भारतीय घरेलू रेड-बॉल प्रतियोगिताओं में खेल रहे हैं। वह आगे बढ़ रहे हैं और रेड-बॉल क्रिकेट की अपनी स्किल्स को बेहतर कर रहे हैं।'

राहुल द्रविड़ को उम्मीद है कि वैभव भविष्य में व्हाइट-बॉल क्रिकेट की तरह रेड-बॉल क्रिकेट में भी सफलता हासिल करेंगे और भारत के लिए तीनों फॉर्मेट में खेलेंगे। द्रविड़ ने कहा, 'उम्मीद है कि एक दिन अगर वह अच्छा प्रदर्शन करते रहे, जैसा उन्होंने व्हाइट-बॉल क्रिकेट में किया है, तो वह भारत के लिए रेड-बॉल खिलाड़ी भी बन सकते हैं। अगर ऐसा होता है तो यह विश्व क्रिकेट के लिए भी बेहद रोमांचक होगा।'