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मुंबई : भारतीय चयनकर्ता प्रमुख एमएसके प्रसाद ने वेस्ट इंडीज दौरे के लिए रविवार को भारतीय टीमों की घोषणा करते हुए कहा कि संन्यास का फैसला पूरी तरह निजी होता है और महेंद्र सिंह धोनी जैसे लीजेंड जानते हैं कि उन्हें कब संन्यास लेना है। धोनी ने अगले महीने होने वाले वेस्टइंडीज़ दौरे से खुद को अलग कर लिया था और इस बात को उन्होंने भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड को सूचित कर दिया था। वह अब संभवत: सियाचिन में सेना के साथ ट्रेनिंग कर सकते हैं। धोनी प्रादेशिक सेना की पैराशूट रेजीमेंट में मानद लेफ्टिनेंट कर्नल के पद पर हैं। 

विंडीज दौरे के लिए टीम की घोषणा की प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रसाद ने धोनी के सन्दर्भ में कहा, ‘संन्यास पूरी तरह एक खिलाड़ी का अपना फैसला है। धोनी जैसे लीजेंड जानते हैं कि उन्हें संन्यास कब लेना है। मुझे नहीं लगता है कि इस मामले पर और बात करने की जरूरत है। पहली बात तो यह है कि वह उपलब्ध नहीं हैं और दूसरा हमने युवा खिलाड़ियों को तैयार करना शुरू कर दिया है।' प्रसाद ने साथ ही कहा, ‘हमने ट्वंटी-20 विश्व कप की तैयारियों को ध्यान में रखते हुए टीम चुनी है। हम ऋषभ पंत को और मौके देना चाहते हैं। फिलहाल, हमारी यही योजना है। वर्ल्ड कप 2019 तक धोनी को लेकर हमारे अलग प्लान थे और अब विश्व कप के बाद हम चाहते हैं कि पंत जैसे युवा खिलाड़ियों को मौका मिले।' 

यह पूछने पर कि क्या धोनी ने अपना आखिरी अंतररष्ट्रीय मैच खेल लिया है और क्या वह आगे भी खेलना जारी रखेंगे, प्रसाद ने कहा, ‘मैं इस सवाल का जवाब नहीं दे सकता। यह फैसला अब धोनी को करना है।' धोनी से आगे की चर्चा को लेकर प्रसाद ने माना कि धोनी के साथ उनकी इस पर बात हुई थी। 38 साल के धोनी ने अभी तक यह भी स्पष्ट नहीं किया है कि वह संन्यास कब लेंगे। 

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