नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारतीय मूल के खिलाड़ी दुनिया में अपने देश का गौरव बढ़ा रहे हैं और वहां के युवाओं के लिए प्रेरणा बन रहे हैं। मोदी ने आज अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात' में आज कहा कि मैं अक्सर कहता हूं ‘जो खेले-वो खिले'। खेल हमें जोड़ता भी है।
आजकल आप टी-20 विश्व कप के मैच देख रहे होंगे और मुझे पक्का विश्वास है कि मैच देखते हुए कई बार आंखें किसी खास खिलाड़ी पर टिक जाती होंगी। जर्सी किसी और देश की होती है लेकिन नाम सुनकर लगता है कि अरे, ये तो अपने देश का है। तब दिल के किसी कोने में एक हल्की सी खुशी आती है। क्योंकि वो खिलाड़ी भारतीय मूल का होता है और वो उस देश के लिये खेल रहा होता है जहां उसका परिवार बस गया है। वे अपने-अपने देशों की जर्सी पहनकर मैदान में उतरते हैं, पूरे मन से उस देश का प्रतिनिधित्व करते हैं।
उन्होंने कहा कि कनाडा की टीम में सबसे ज्यादा भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं। टीम के कप्तान दिलप्रीत बाजवा का जन्म पंजाब के गुरदासपुर में हुआ था। नवनीत धालीवाल चंडीगढ़ के हैं। इस सूची में हर्ष ठाकर, श्रेयस मोवा जैसे कई नाम हैं, जो कनाडा के साथ-साथ भारत का भी गौरव बढ़ा रहे हैं।
अमेरिका की टीम में कई चेहरे भारत के घरेलू क्रिकेट से निकले हुए हैं। अमेरिकी टीम के कप्तान मोनांक पटेल गुजरात की अंडर-16 और अंडर-18 टीम के लिये भी खेल चुके हैं। मुंबई के सौरभ, हरमीत सिंह, दिल्ली के मिलिंद कुमार, ये सब अमेरिकी टीम की शान हैं। ओमान की टीम में आज कई चेहरे हैं जो पहले भारत के अलग-अलग राज्यों में खेल चुके हैं। जतिंदर सिंह, विनायक शुक्ला, करन, जय, आशीष जैसे खिलाड़ी ओमान क्रिकेट की मजबूत कड़ी हैं।
न्यूजीलैंड, यूएई और इटली की टीमों में भी भारतीय मूल के खिलाड़ी अपनी जगह बना रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे कितने ही भारतीय मूल के खिलाड़ी हैं जो अपने देश का गौरव बढ़ा रहे हैं। वहाँ के युवाओं के लिये प्रेरणा बन रहे हैं। भारतीयता की यही तो विशेषता है। भारतीय जहां भी जाते हैं अपनी मातृभूमि की जड़ों से जुड़े रहते हैं। और अपनी कर्मभूमि यानि जिस देश में रहते हैं उसके विकास में भी सहयोग करते हैं।