स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए लगातार दूसरा और कुल तीसरा खिताब अपने नाम किया। इस जीत में कई खिलाड़ियों की अहम भूमिका रही, जिन्होंने अपने बल्ले और गेंद से टीम को मैच जिताने में मदद की। खासतौर पर संजू सैमसन, ईशान किशन, शिवम दुबे, जसप्रीत बुमराह और अक्षर पटेल ने अपनी परफॉर्मेंस से दर्शकों का मन मोह लिया। इन 5 खिलाड़ियों ने पूरे टूर्नामेंट में लगातार प्रदर्शन किया और भारत की फाइनल जीत में निर्णायक योगदान दिया।
संजू सैमसन: नई रन मशीन!, लगातार तीन अर्धशतक
टी20 वर्ल्ड कप के दौरान संजू सैमसन ने सिर्फ पांच मैचों में ही अपनी शानदार बैटिंग का प्रदर्शन किया। उन्होंने 321 रन बनाए, औसत 80.25 और स्ट्राइक रेट 199.38 रहा। सैमसन ने 27 चौके और 24 छक्के जड़े, जिससे टीम को शुरुआत से ही आक्रामक प्लेटफॉर्म मिला। फाइनल में भी उनका 89 रन का योगदान भारत को बड़े स्कोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण रहा।
ईशान किशन : आक्रामक शुरुआत
ईशान किशन ने नौ मैचों में 317 रन बनाए और औसत 35.22 के साथ स्ट्राइक रेट 193.29 दर्ज किया। उनके 33 चौके और 18 छक्के भारतीय पावरप्ले की ताकत साबित हुए। किशन की आक्रामक बल्लेबाजी ने विरोधी टीमों पर दबाव बनाया और भारत को शुरुआती ओवरों में बड़ा स्कोर बनाने का अवसर दिया। उनकी लगातार रन बनाने की क्षमता ने टीम के लिए भरोसा बढ़ाया।
शिवम दुबे: फिनिशर और गेम चेंजर
शिवम दुबे ने नौ मैचों में 235 रन बनाए, औसत 39.17 और स्ट्राइक रेट 169.06। उनके 15 चौके और 17 छक्के ने भारत को मुश्किल समय में भी स्कोरबोर्ड मजबूत करने में मदद की। दुबे की यह क्षमता कि वह कम समय में तेज रन बना सकते हैं, फाइनल और सेमीफाइनल जैसे अहम मुकाबलों में टीम के लिए निर्णायक साबित हुई।
जसप्रीत बुमराह: गेंदबाजी में सुपरस्टार
भारत की जीत में Jasprit Bumrah ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने 8 मैचों में कुल 28 ओवर, 168 गेंदों में 174 रन देकर 14 विकेट लिए। बुमराह की मैच विनिंग यॉर्कर और प्रेशर में गेंदबाजी ने विपक्षी टीमों की बैटिंग लाइन को तोड़ने में मदद की। उनकी रणनीतिक गेंदबाजी ने फाइनल मुकाबलों में भारत को बढ़त दिलाई।
अक्षर पटेल: ऑलराउंडिंग में दमदार प्रदर्शन
अक्षर पटेल ने 7 मैचों में अपनी गेंदबाजी और बल्लेबाजी से टीम को संतुलित किया। उन्होंने 25 ओवर, 150 गेंदों में 205 रन बनाए और 11 विकेट लिए। अक्षर की महत्वपूर्ण पारियां और समय पर विकेट लेने की क्षमता ने भारत की टीम को हर स्थिति में मजबूत रखा। उनके योगदान ने फाइनल में भारत की जीत सुनिश्चित की।