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नई दिल्ली : ‘भारत-पाक एक्सप्रेस' के नाम से मशहूर रोहन बोपन्ना और ऐसाम-उल-हक कुरैशी की जोड़ी छह साल के बाद एक बार फिर से 15 मार्च से मेक्सिको में खेले जाने वाले अकापुल्को एटीपी 500 में टेनिस कोर्ट पर एक साथ दिखेगी। इससे पहले यह जोड़ी 2014 शेनजेन एटीपी 250 प्रतियोगिता में एक साथ खेली थी। भारत-पाक के खराब राजनायिक संबंध के कारण सुर्खियां बटोरने वाली इस जोड़ी की सबसे बड़ी सफलता 2010 में यूएस ओपन के फाइनल में पहुंचना था, जहां उन्हें ब्रायन बंधुओं की जोड़ी से हार का सामना करना पड़ा था।

बोपन्ना उस समय अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ रैंकिंग तीसरे स्थान तक पहुंचे थे बोपन्ना ने इसके बाद 2012 ओलंपिक की तैयारियों के लिए दिग्गज महेश भूपति के साथ जोड़ी बनाकर खेलने का फैसला किया। भारत और पाकिस्तान के 40 बरस के इन खिलाड़ियों की जोड़ी फिलहास सिर्फ एक टूर्नामेंट में साथ खेलेगी। कुरैशी ने कहा कि अभी हम सिर्फ मैक्सिको में खेलने के लिए एक साथ आ रहे हैं। अभी तक हमने भविष्य के बारे में बात नहीं की है। 

यह पूछे जाने पर कि क्या यह एक लंबी अवधि की व्यवस्था हो सकती है, कुरैशी ने कहा कि उम्मीद है, अगर यह अच्छी तरह से चलता है तो हम भविष्य में साथ में और अधिक टूर्नामेंट खेल सकते हैं। वे वास्तव में दुबई ड्यूटी फ्री चैंपियनशिप में एक साथ प्रवेश करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन उनकी योजना सफल नहीं हुई। 

उन्होंने कहा कि हमने ऑस्ट्रेलिया में एक साथ बहुत समय बिताया। हम दुबई में खेलने की योजना बना रहे थे। उसे एक जोड़ीदार की जरूरत थी और मुझे भी एक जोड़ीदार की जरूरत थी। इसलिए हमने सोचा कि चलो दुबई ओपन के लिए टीम बनाई जाए, दुर्भाग्य से हम इसके लिए क्वालीफाई नहीं कर सकें। हमारी संयुक्त रैंकिंग उस स्तर की नहीं थी।

उन्होंने कहा कि लेकिन हम अकापुल्को में जगह बनाने में सफल रहे। मैं बहुत उत्साहित हूँ। उम्मीद है, हम एक साथ अच्छा खेलेंगे और यह सफल रहेगा। तब हम कुछ और टूर्नामेंट एक साथ खेलने का फैसला कर सकते हैं, लेकिन फिलहाल हम सिर्फ इसी टूर्नामेंट के लिए साथ आये है। मुझे नहीं पता कि 2021 के लिए उनकी (बोपन्ना) योजना क्या है। उन्होंने किसी के साथ जोड़ी बनाने का फैसला किया है या नहीं। हम देखेंगे स्थिति कैसी रहती है। बोपन्ना और कुरैशी ने शांति संदेश फैलाने के लिए ‘स्टॉप वॉर, स्टार्ट टेनिस' अभियान शुरू किया था। जिसे ‘अर्थर एश मानवता' पुरस्कार भी मिला था।

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