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स्पोर्ट्स डेस्क : नीरज चोपड़ा ने भाला फेंक में भारत को स्वर्ण पदक दिलाकर इतिहास रच दिया है। हरियाणा के खांद्रा गांव के एक किसान के बेटे 23 वर्षीय नीरज ने अपने दूसरे प्रयास में 87.58 मीटर भाला फेंककर दुनिया को हैरान कर दिया और गोल्ड मेडल दिलाकर भारतीयों को जश्न में डुबा दिया। जीत के बाद नीरज चोपड़ा ने अपने इस स्वर्ण पदक को महान धावक मिल्खा सिंह को समर्पित किया है।

नीरज चोपड़ा ने ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद कहा कि विश्वास नहीं हो रहा। पहली बार है जब भारत ने एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक जीता है इसलिेयए मैं बहुत खुश हूं। हमारे पास अन्य खेलों में ओलंपिक का एक ही स्वर्ण है। उन्होंने कहा कि एथलेटिक्स में यह हमारा पहला ओलंपिक पदक है। यह मेरे और देश के लिए गर्व का क्षण है। इसके साथ ही मैं अपना यह पदक मिल्खा सिंह को समर्पित करता हूं। मैं उन्हें मेडल का साथ मिलना चाहता था। 

गौर हो कि भारत के महान धावक रहे मिल्खा सिंह की आखिरी इच्छा को भी पूरा कर दिया है। मिल्खा सिंह ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उनकी आखिरी इच्छा यह है कि एथलेटिक्स में भारत का कोई खिलाड़ी मेडल मेडल लेकर आए। नीरज चोपड़ा ने टोक्यो ओलंपिक में एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक दिलाकर उनकी आखिरी इच्छा को पूरा कर दिया है।  

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