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कोलकाता : दक्षिण अफ्रीका के मुख्य कोच शुक्री कॉनराड ने टी20 विश्व कप सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड से मिली नौ विकेट से हार को 'चोकर' (दबाव में अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाना) नहीं बल्कि चारों खाने चित होने जैसा बताया। दक्षिण अफ्रीका की टीम पहले बल्लेबाजी के लिए आमंत्रित किये जाने के बाद आठ विकेट पर 169 रन ही बना पाई। 

न्यूजीलैंड ने 12.5 ओवर में नौ विकेट से आसानी से जीत हासिल कर ली। उसकी इस जीत में सलामी बल्लेबाज फिन एलन ने 33 गेंद में नाबाद 100 रन बनाकर टी20 विश्व कप में सबसे तेज शतक बनाया जबकि टिम सीफर्ट ने 33 गेंद पर 58 रन का योगदान दिया। दक्षिण अफ्रीका इससे पहले भी आईसीसी की प्रतियोगिताओं में नॉकआउट के दबाव वाले मैचों में लड़खड़ाता रहा है जिसके कारण उसे 'चोकर' कहा जाने लगा था। उसने वर्तमान टूर्नामेंट में अजेय रहकर सेमीफाइनल में जगह बनाई थी। इस दौरान उसने न्यूजीलैंड और भारत को भी हराया था। 

कॉनराड ने पहले सेमीफाइनल के बाद कहा, 'मुझे नहीं पता कि आज रात का मुकाबला चोकर जैसा था या नहीं। मुझे तो लगा कि यह चारों खाने चित होने जैसा था। आपने थोड़ी बहुत तो चुनौती पेश की होती लेकिन आज के मैच में ऐसी कोई झलक नहीं दिखाई दी। दक्षिण अफ्रीका में हम इसके लिए एक शब्द 'मोएर्ड' (बुरी तरह से हारना) का उपयोग करते हैं।' 

कॉनराड यहीं पर नहीं रुके और उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के एक मुहावरे का उपयोग करके अपनी टीम की करारी हार की व्याख्या की। पिछले साल टेस्ट श्रृंखला के दौरान भारतीय टीम को 'ग्रोवल' (घुटने टेकना) शब्द का उपयोग करके विवाद पैदा करने वाले कॉनराड ने कहा, 'आज रात हमें एक करारा 'स्नॉटक्लैप' मिला। यह एक अफ़्रीकी शब्द है जिसका अर्थ है बुरी तरह पिटाई, करारा थप्पड़ जिसकी आपको उम्मीद नहीं थी। हमें बिल्कुल वैसा ही महसूस हुआ।' 

न्यूजीलैंड के गेंदबाज कोल मैककॉन्ची ने दूसरे ओवर में ही क्विंटन डीकॉक (10) और रयान रिकेल्टन (00) को लगातार गेंदों पर आउट कर दिया। बाद में रचिन रविंद्र और मैट हेनरी ने बीच के ओवरों में दक्षिण अफ्रीका को दबाव में रखा। बाद में मार्को यानसन (नाबाद 55) और ट्रिस्टन स्टब्स (29) ने टीम के सम्मानजनक स्कोर तक पहुंचाया। कॉनराड ने कहा, 'स्टैबो और मार्को की बदौलत हमने अच्छी वापसी की, लेकिन न्यूजीलैंड का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने शुरुआती ओवरों में स्पिनरों से परिस्थितियों का भरपूर फायदा उठाया और हम बिल्कुल भी लय हासिल नहीं कर पाए। इसलिए वह जीत के हकदार थे।'

दक्षिण अफ्रीका के कोच ने कहा कि अभी तक सब कुछ सही चल रहा था लेकिन आज उनका दिन नहीं था। उन्होंने इस बात से भी इंकार कर दिया कि अपने अधिकतर मैच अहमदाबाद में खेलने के कारण वह किसी अन्य स्थान में खेलने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने कहा, 'अहमदाबाद में अपने सभी मैच खेलने और फिर अन्य स्थान पर नहीं खेलने के बारे में बहुत कुछ कहा जा सकता है। लेकिन फिर भी यह कोई बहाना नहीं है। उन्होंने शुरुआत में ही पकड़ बना ली थी और हमें किसी भी तरह की लय नहीं मिली। उन्होंने हमें जीतने का जरा भी मौका नहीं दिया।' 

इस करारी हार के बावजूद कॉनराड को अजेय रहकर सेमीफाइनल में पहुंचने के प्रदर्शन पर गर्व है। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि हमने पूरे टूर्नामेंट में असाधारण प्रदर्शन किया। बहुत अच्छी क्रिकेट खेली। मुझे इन खिलाड़ियों पर बेहद गर्व है। विश्व कप से पहले के हमारे प्रदर्शन को देखते हुए बहुत से लोगों ने हमें सेमीफाइनल का दावेदार नहीं माना था। लेकिन इससे कोई सांत्वना नहीं मिलती।'