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न्यूयॉर्क : चौथी सीड और पूर्व नंबर एक जापान की नाओमी ओसाका ने एक सेट से पिछड़ने के बाद शानदार वापसी करते बेलारुस की विक्टोरिया अजारेंका को शनिवार को तीन सेटों के मुकाबले में 1-6, 6-3, 6-3 से पराजित कर दूसरी बार यूएस ओपन टेनिस टूर्नामेंट का खिताब जीत लिया। ओसाका ने अपना तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब जीता है जबकि अजारेंका का पहली बार यूएस ओपन खिताब जीतने का सपना एक बार फिर टूट गया। 

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पहला सेट गंवाने के बाद की जबरदस्त वापसी 

ओसाका ने एक घंटे 53 मिनट तक चले मुकाबले में अजारेंका को हराकर खिताब जीता। ओसाका हालांकि पहले सेट में अजारेंका के खिलाफ बेदम नजर आईं और उन्होंने काफी गलतियां करते हुए 1-6 से यह सेट गंवाया। लेकिन इसके बाद ओसाका ने जबरदस्त तरीके से वापसी की और अगले दोनों सेट में अजारेंका को पूरी तरह मात दे दी। वर्ष 1994 के बाद से यह पहला मौका है जब किसी महिला खिलाड़ी ने पहला सेट हारने के बाद यूएस ओपन का खिताब अपने नाम किया है। 

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ओसाका के करियर का यह तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब 

जापानी खिलाड़ी ओसाका के करियर का यह तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब है। वह यूएस ओपन में दूसरी बार चैंपियन बनीं हैं। इससे पहले उन्होंने 2018 में यूएस ओपन और 2019 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था। गैर वरीय और पूर्व नंबर एक अजारेंका का 2013 के बाद यह पहला ग्रैंड स्लेम फाइनल था और उनके पास तीसरा ग्रैंड स्लेम खिताब जीतने का मौका भी था लेकिन ओसाका की दमदार वापसी ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। अजारेंका 2012 और 2013 में लगातार दो वर्ष यूएस ओपन के फाइनल में अमेरिका की सेरेना विलियम्स से हारी थीं। अजारेंका ने 2012 और 2013 में ऑस्ट्रेलियन ओपन का खिताब जीता था। 

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यूएस ओपन जीतने के बाद बोली ओसाका 

उन्होंने कहा, ‘मैं हमेशा सोचती थी कि किस तरह शीर्ष खिलाड़ी ग्रैंड स्लेम जीतने के बाद आसमान की ओर देखते हैं। मैं भी चाहती थी कि मैं ऐसे देखूं। मेरे लिए यह अभूतपूर्व क्षण हैं। मुझे खुशी है कि मैं ऐसा कर सकी। मेरा ध्यान सिफर् इस बात पर केंद्रित था कि मैं टेनिस कोटर् में किस तरह खुद को संतुलित रख सकती हूं। ऐसा ही मैंने 2018 में किया था और मुझे लगता है कि इस बार भी मैं ऐसा करने में सफल रही।'

उन्होंने कहा, ‘मेरे ख्याल से मैं पहले सेट में थोड़ी बैचेन हो गयी थी और अपना मूवमेंट नहीं कर पा रही थी। मुझे लगा कि पहले सेट में मैं अपनी क्षमता के अनुरुप नहीं खेली जैसा मैं खेल में अपना 100 फीसदी देती हूं। लेकिन यह अच्छा है कि मैं कम से कम 70 फीसदी प्रदर्शन कर सकी।' यूएस ओपन विजेता ने कहा, ‘मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं ज्यादा दबाव ले रही हूं। दूसरे सेट में मैं उबर नहीं पा रही थी जिससे मुझे मदद नहीं मिल रही थी। मैंने सिफर् इतना ही सोचा कि मुझे सकारात्मक रहना है और 1-6, 0-6 की हार से बचना है। यह अच्छा रहा कि मैं वापसी कर सकी। मैं वो कर सकी जैसा मैंने सोचा था।' 

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