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स्पोर्ट्स डेस्क : ICC टी20 वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस मैच में न्यूजीलैंड के कप्तान मिचेल सैंटनर के कुछ फैसलों पर सवाल भी उठे, खासकर ग्लेन फिलिप्स से सिर्फ एक ओवर कराने और कोल मैककॉन्ची को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखने को लेकर। मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में सैंटनर ने इन दोनों फैसलों पर खुलकर अपनी बात रखी और बताया कि आखिर उन्होंने ऐसा क्यों किया।

अभिषेक शर्मा ने समझदारी से खेला ऑफ-स्पिन

भारतीय ओपनर अभिषेक शर्मा को टूर्नामेंट में ऑफ-स्पिन के खिलाफ कमजोर माना जा रहा था और कई टीमों ने इस रणनीति का इस्तेमाल भी किया। फाइनल में भी सैंटनर ने शुरुआत में इसी योजना के तहत ग्लेन फिलिप्स को गेंद थमाई। फिलिप्स ने पावरप्ले में सिर्फ एक ओवर डाला और उसमें केवल 5 रन दिए। इसके बावजूद उन्हें आगे गेंदबाजी नहीं कराई गई।

सैंटनर ने बताया कि अभिषेक शर्मा ने इस ओवर को बहुत समझदारी से खेला। उन्होंने कहा कि अभिषेक आमतौर पर ऑफ-स्पिनरों के खिलाफ आक्रामक खेलते हैं, लेकिन इस बार उन्होंने जोखिम नहीं लिया और स्ट्राइक संजू सैमसन को दे दी। इसके बाद भारत ने पावरप्ले के आखिरी ओवरों में तेज गेंदबाजों पर जमकर रन बनाए।

संजू सैमसन की मौजूदगी ने बदला फैसला

सैंटनर के मुताबिक अगर संजू सैमसन जल्दी आउट हो जाते तो वह फिलिप्स से दोबारा गेंदबाजी कराते। उन्होंने कहा कि अगर विकेट गिर जाता तो दो बाएं हाथ के बल्लेबाजों के खिलाफ फिलिप्स को एक विकल्प के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता था। लेकिन जब विकेट नहीं मिलते तो गेंदबाजों को रोटेट करना मुश्किल हो जाता है और रणनीति बदलनी पड़ती है।

मैककॉन्ची की जगह डफी को क्यों मौका मिला

न्यूजीलैंड ने इस मैच में कोल मैककॉन्ची को टीम से बाहर कर उनकी जगह जैकब डफी को मौका दिया। सेमीफाइनल में मैककॉन्ची ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करते हुए क्विंटन डी कॉक और रयान रिकेल्टन के विकेट लिए थे।इसके बावजूद उन्हें फाइनल में मौका नहीं मिला, जिस पर भी सवाल उठे।

सैंटनर ने कहा कि अहमदाबाद की पिच को देखते हुए यह फैसला लिया गया था। उनके मुताबिक इस मैदान की मिक्स्ड मिट्टी वाली पिच पर ज्यादा स्पिन नहीं मिलती और गेंदबाजों को थोड़ा अतिरिक्त उछाल मिलता है। इसलिए उन्होंने तेज गेंदबाज को खिलाने का फैसला किया।

पिच पर स्पिनरों को नहीं मिला फायदा

सैंटनर ने यह भी कहा कि मैच के दौरान पिच से स्पिनरों को खास मदद नहीं मिली। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भारत के स्पिनर अक्षर पटेल और वरुण चक्रवर्ती को भी ज्यादा टर्न नहीं मिला। उनके मुताबिक गेंदबाजों के लिए सबसे अहम चीज सही लाइन-लेंथ पर गेंदबाजी करना थी, लेकिन न्यूजीलैंड के गेंदबाज अपनी योजनाओं को पूरी तरह लागू नहीं कर सके।

डफी का प्रदर्शन रहा निराशाजनक

जैकब डफी ने इस मैच में तीन ओवर गेंदबाजी की, लेकिन उन्हें कोई विकेट नहीं मिला और उन्होंने 42 रन खर्च कर दिए। डफी पिछले साल न्यूजीलैंड के लिए टी20 इंटरनेशनल में सबसे सफल गेंदबाज थे और इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें आईपीएल में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के साथ पहला कॉन्ट्रैक्ट भी मिला था। हालांकि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उन्होंने पांच मैचों में सिर्फ तीन विकेट ही लिए।