Sports

नई दिल्ली : क्रिकेट विश्व कप के बाद श्रीलंका जैसी टीम से नंबर वन रहते टी-20 सीरीज हारने पर पाकिस्तान टीम के प्लेयरों के अलावा नए कोच मिस्बाह को भी कई पाकिस्तानी पूर्व क्रिकेटर जैसे रमीज राजा, शोएब अख्तर, यूनिस खान से खरीखरी सुननी पड़ रही है। अब इसी कड़ी में जावेद मियांदाद का नाम भी जुड़ गया है। हालांकि जावेद ने मिस्बाह को लताडऩे की बजाय उनपर सिलेक्टर और कोच के अतिरिक्त दबाव को हटाने की वकालत की है। 

मुझे लगता है कि बोर्ड ने मिस्बाह को मुख्य कोच और मुख्य चयनकर्ता की दोहरी जिम्मेदारी सौंपकर पछाड़ दिया है। बोर्ड को थोड़ा यथार्थवादी होना चाहिए और एक विशेष बल्लेबाजी कोच नियुक्त करके बॉक्स से बाहर सोचना चाहिए। मुझे लगता है कि बोर्ड मेरे साथ अपने रिश्ते के कारण फैसल को नौकरी देने से हिचक रहा था। लेकिन अगर आप योग्यता के आधार पर बोलते हैं, तो वह पाकिस्तान के बल्लेबाजी कोच के रूप में काम करने का हकदार है। फैसल ने इंग्लैंड से कोचिंग कोर्स किया है और बल्लेबाजी कोच पद के लिए वह सबसे अच्छा विकल्प है।

जावेद ने कहा- क्रिकेट विश्व कप में खराब प्रदर्शन के बाद कई खिलाड़ी बाहर कर दिए गए। इंजमाम-उल-हक के नेतृत्व वाले चयन पैनल और मिकी आर्थर के नेतृत्व वाले कोचिंग स्टाफ को बाहर कर दिया गया था। अब पूर्व कप्तान मिस्बाह-उल-हक को दोनों चयन पैनल के साथ-साथ कोचिंग स्टाफ का प्रभारी बना दिया गया। इससे एक नया युग शुरू हुआ, लेकिन किस्मत नहीं बदली।

.
.
.
.
.