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नई दिल्ली : तोक्यो ओलंपिक में पदक की उम्मीद निशानेबाज मनु भाकर ने दिल्ली से भोपाल की उड़ान लेते समय एयर इंडिया के दो कर्मचारियों द्वारा कथित तौर पर ‘अपमान' और ‘उत्पीड़न' किए जाने के कारण उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रमंडल खेल और युवा ओलंपिक की स्वर्ण पदक विजेता 19 वर्ष की पिस्टल निशानेबाज मनु खेलमंत्री किरेन रीजीजू के दखल के बाद ही विमान में बैठ सकी। मनु ने इसके लिए खेलमंत्री को धन्यवाद दिया और उम्मीद जताई कि दिल्ली में एयर इंडिया के अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। एयर इंडिया ने भी अपने कर्मचारियों के बर्ताव के लिए माफी मांगी है।

मनु ने कहा कि मैने जो अपमान और उत्पीड़न झेला कि उसके लिए वे जिम्मेदार है। अपने कर्मचारियों (मनोज गुप्ता और एक अन्य सुरक्षाकर्मी) को बचाने की कोशिश करके एयर इंडिया अपनी छवि और खराब करेगा। उन्होंने कहा कि एयर इंडिया अब कह रहा है कि वे सिर्फ दस्तावेज मांग रहे थे और अपना काम कर रहे थे लेकिन मुझे यकीन है कि सीसीटीवी में सब रिकार्ड होगा। आप देख सकते हैं।उन्होंने मेरा मोबाइल छीना और मेरी मां की खींची तस्वीर डिलीट की।

रीजीजू ने इस मसले का जिक्र करते हुए मनु को ‘भारत का गौरव' बताया। एयर इंडिया ने ट्वीट किया कि हम आपको हुई असुविधा के लिए क्षमाप्रार्थी हैं। हम इस मसले की विस्तार से जानकारी आपके मोबाइल नंबर के साथ चाहते हैं ताकि आपकी आगे सहायता कर सकें। मनु ने कहा कि अपनी पिस्तौल के साथ यात्रा करने की नागर विमानन महानिदेशालय से मंजूरी और सारे वैध दस्तावेज साथ होने के बावजूद उनके साथ ऐसा बर्ताव किया गया।

उन्होंने कहा कि मैने कहा भी कि मैं निशानेबाज हूं और भारत के लिये ओलंपिक खेलने वाली हूं तो उन्होंने कहा कि आप ओलंपिक खेलों या नेशनल्स, हमें फर्क नहीं पड़ता। मनु ने कहा कि उनका बर्ताव अस्वीकार्य था। कम से कम खिलाड़ी को थोड़ा तो सम्मान दें और इस तरह से अपमान नहीं करे। समस्या पैसा नहीं उनका बर्ताव है। मंत्रालय हमारे सारे खर्च उठाता है। एक अन्य पोस्ट में एयर इंडिया ने लिखा कि दिल्ली हवाई अड्डे पर हमारी टीम ने पुष्टि की है कि हमारे काउंटर पर अधिकारी ने सिर्फ वैध दस्तावेज मांगे थे जो नियमों के तहत था ।

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