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नई दिल्ली : भारतीय जूनियर महिला हॉकी टीम की गोलकीपर बिच्छू देवी खरिबम का कहना है कि वह भाग्यशाली हैं जिन्हें सविता और रजनी एतिमारपु जैसी अनुभवी गोलकीपर के साथ खेलने और खेल के प्रमुख पहलुओं को जानने का मौका मिला है। 19 वर्षीय खरिबम ने वर्ष 2018 में ब्यूनस आयर्स में हुए तीसरे युवा ओलंपिक गेम्स में रजत पदक और पिछले साल डबलिन में हुए नेशन जूनियर महिला इंविटेशनल टूर्नामेंट में गोलकीपर ऑफ द टूर्नामेंट का पुरस्कार जीता था। उन्हें पिछले साल नवंबर से लगातार सीनियर राष्ट्रीय शिविर में जगह दी गई है।

 

खरिबम ने कहा- मैं बेंगलुरु में सीनियर राष्ट्रीय शिविर में अभ्यास सत्र का लगातार आनंद लेती हूं। मैं खुद को बहुत भाग्यशाली मानती हूं जिसे सविता और रजनी जैसी सीनियर गोलकीपर के मार्गदर्शन में खेलने का अवसर मिला। मैंने उनके काम करने के तरीके और अपने खेल में सुधार लाने के लिए नई तकनीक सीखी है। सविता और रानी हमेशा मेरी मदद करती हैं और मैं उनसे खेल को लेकर कोई भी शंका होने पर बात करती हूं।

 

खरिबम ने कहा कि पिछले साल जुलाई में डच की गोलकीपर विशेषज्ञ माटिर्न ड्रिवर के नेतृत्व में विशेष गोलकीपिंग शिविर से उन्हें उनके कौशल को सुधारने में मदद मिली। पिछले साल विशेष गोलकीपिंग शिविर में माटिर्न से सीखकर काफी अच्छा लगा। हमने विशिष्ट गोलकीपिंग कौशल पर काम किया जिससे मुझे गोलकीपर के तौर पर खुद को विकसित करने में मदद मिली।

 

गोलकीपर ने कहा- मेरा भारत के लिए एक दिन खेलने का सपना है। मुझे अपने जूनियर टीम के करियर में काफी अनुभव हासिल हुआ। मुझे तीसरे युवा ओलंपिक खेल की टीम में शामिल होने से काफी आत्मविश्वास मिला। यह अब तक मेरे करियर का शीर्ष पड़ाव है। मुझे सीनियर राष्ट्रीय शिविर में शामिल होकर काफी खुशी हो रही है।

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