स्पोर्ट्स डेस्क : इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) 2026 से पहले क्रिकेट जगत में एक नई बहस छिड़ गई है। इस बार चर्चा का केंद्र बने हैं कैमरन ग्रीन, जिन्हें नीलामी में 25.20 करोड़ रुपये की भारी रकम देकर टीम में शामिल किया गया। लेकिन उनकी फिटनेस और सीमित गेंदबाजी को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। इसी बीच, भारत के दिग्गज ऑफ-स्पिनर आर अश्विन ने ऐसा बयान दिया है, जिसने फैंस और एक्सपर्ट्स के बीच तीखी बहस को जन्म दे दिया है।
अश्विन का विवादित सुझाव
आर अश्विन ने अपने बयान में साफ कहा कि अगर कैमरन ग्रीन वर्कलोड मैनेजमेंट के चलते पूरे चार ओवर गेंदबाज़ी नहीं कर पाते, तो फ्रेंचाइज़ी को उनकी सैलरी में कटौती करने का अधिकार मिलना चाहिए। उन्होंने तर्क देते हुए कहा कि IPL नीलामी में जब किसी खिलाड़ी पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, तो टीम को उससे पूरे योगदान की उम्मीद होती है—चाहे वह बल्लेबाज़ी हो या गेंदबाज़ी। अश्विन ने उदाहरण देते हुए कहा कि अगर कोई खिलाड़ी सिर्फ एक या दो ओवर ही गेंदबाज़ी करता है, तो यह टीम के साथ न्याय नहीं है।
25.20 करोड़ की कीमत पर सवाल
कैमरन ग्रीन IPL इतिहास के सबसे महंगे विदेशी खिलाड़ियों में शामिल हैं। लेकिन उनकी फिटनेस और हालिया फॉर्म को देखते हुए यह निवेश अब सवालों के घेरे में आ गया है। ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट बोर्ड भी उन्हें लेकर सतर्क है और टेस्ट क्रिकेट को प्राथमिकता देते हुए उनके वर्कलोड को सीमित रख रहा है। ऐसे में IPL फ्रेंचाइज़ी के लिए यह स्थिति और जटिल हो जाती है।
प्रदर्शन में गिरावट
2023 में शानदार प्रदर्शन करने वाले ग्रीन ने अपने पहले सीज़न में 452 रन और 6 विकेट लेकर खूब सुर्खियां बटोरी थीं।
लेकिन इसके बाद उनका ग्राफ नीचे गिरा—अगले सीज़न में उन्होंने सिर्फ 255 रन बनाए और 10 विकेट लिए। चोटों के कारण वह 2025 सीज़न से भी बाहर रहे, जिससे उनकी लय और आत्मविश्वास दोनों प्रभावित हुए।