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स्पोर्ट्स डेस्क : आईपीएल 2022 अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और फाइनल मुकाबला आज (29 मई) गुजरात टाइटंस और राजस्थान रॉयल्स के बीच खेला जाएगा। फाइनल जीतने वाली टीम को इनाम के तौर पर 20 करोड़ रुपए मिलेंगे। लगातार दूसरे साल बीसीसीआई ने पुरस्कार राशि में संशोधन के खिलाफ फैसला किया है। हालांकि एक रिपोर्ट के मुताबित आईपीएल 2023 से पुरस्कार राशि में 20 से 25 प्रतिशत तक बढ़ाने की योजना है। 

बीसीसीआई के एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से एक न्यूज रिपोर्ट में कहा गया है कि वह (बढ़ती पुरस्कार राशि) वर्तमान में चर्चा में है। पुरस्कार राशि में अगले वर्ष से 20-25 प्रतिशत की वृद्धि की जानी चाहिए। लेकिन राशि अभी फाइनल नहीं हुई है। अगले साल टूर्नामेंट से पहले एक निर्णय होना चाहिए। पिछली बार पुरस्कार राशि में वृद्धि 2016 में हुई थी। हालांकि, अहमदाबाद और लखनऊ फ्रेंचाइजी की बिक्री के साथ बोर्ड को 12,175 करोड़ रुपए मिलने के बावजूद पुरस्कार राशि में कोई बदलाव नहीं हुआ है। 

आईपीएल 2022 पुरस्कार राशि :

विजेता: 20 करोड़
उपविजेता: 13 करोड़
तीसरा स्थान: 7 करोड़
चौथा स्थान: 6.5 करोड़

वास्तव में 2016 के बाद पुरस्कार राशि बढ़ाने के बाद साल 2017 में पुरस्कार राशि को घटाकर 15 करोड़ कर दिया गया था। वहीं आईपीएल 2018 और 2019 में इसे संशोधित कर 20 करोड़ कर दिया गया था, बीसीसीआई ने इसे आईपीएल 2020 में आधे से घटाकर 10 करोड़ रुपए कर दिया क्योंकि वैश्विक स्तर पर कोविड महामारी का प्रकोप था। हालांकि इस बार बीसीसीआई को 1,000 करोड़ रुपए से अधिक के रिकॉर्ड प्रायोजन सौदे मिलने और दो फ्रेंचाइजी की बिक्री को जोड़ दें तो बीसीसीआई के पास पुरस्कार राशि बढ़ाने के लिए पर्याप्त पैसा है।

बीसीसीआई अधिकारी के हवाले से कहा गया है कि हां, हम जानते हैं कि पिछले कुछ वर्षों में पुरस्कार राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है। लेकिन आपको कोविड और इससे जुड़ी लागत में बढ़ोतरी का भी हिसाब देना होगा। उम्मीद है कि हम इसे अगले संस्करण से इनाम राशि संशोधित करने में सक्षम होंगे। 

मीडिया अधिकारों की बिक्री से बीसीसीआई के फंड को भी बढ़ावा मिलेगा। आईपीएल मीडिया राइट्स की नीलामी जून में होने वाली है और बीसीसीआई को 30,000 करोड़ रुपए से अधिक की उम्मीद है। हालांकि 20 करोड़ रुपए की इनामी राशि अभी भी सभी फ्रेंचाइजी टी20 लीगों में सबसे ज्यादा है। इसके अलावा फ्रेंचाइजी पुरस्कार राशि पर निर्भर नहीं हैं क्योंकि उन्हें बीसीसीआई से टीवी अधिकारों का एक बड़ा हिस्सा मिलता है। 

एक फ्रैंचाइज़ी के सीईओ के हवाले से रिपोर्ट में कहा गया है कि ठीक है, अगर आप इसे इस तरह से रखते हैं, तो पुरस्कार राशि हर दो साल में बढ़नी चाहिए। 10 टीमों के साथ इसे निश्चित रूप से बढ़ाना चाहिए। लेकिन जैसा कि आप जानते हैं यह केवल प्रतीकात्मक है। निश्चित रूप से जिन खिलाड़ियों को उनके आधार मूल्य या लाखों में चुना जाता है उन्हें एक अच्छा बोनस मिलता है। लेकिन एक फ्रैंचाइजी व्यवसाय के दृष्टिकोण से, यह प्रभावित नहीं करता। 

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