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नई दिल्ली : भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) एवं अंतरराष्ट्रीय हॉकी महासंघ (एफआईएच) के प्रमुख डॉ नरिंदर ध्रुव बत्रा ने भारतीय पुरुष हॉकी टीम के हालिया प्रदर्शन पर रोष जताया है। बत्रा ने यहां तक कि पुरुष हॉकी टीम के इनकंसिस्टेंट प्रदर्शन के लिए हॉकी इंडिया से स्पष्टीकरण मांगा है। ऐसे में अब हॉकी इंडिया के अधिकारी इस हफ्ते आईओए के अध्यक्ष से मुलाकात करेंगे, हालांकि हॉकी के एक पूर्व महान खिलाड़ी ने नरिंदर बत्रा के इस हस्तक्षेप पर आश्चर्य जताया है। 

आईओए प्रमुख बत्रा ने मंगलवार को हॉकी इंडिया को एक संदेश में हाल के टूर्नामेंटों में भारतीय पुरुष हॉकी टीम के प्रदर्शन को अस्वीकार्य करार देते हुए इसके पीछे के कारण बताने के लिए कहा है। बत्रा ने हॉकी इंडिया के अध्यक्ष ज्ञानेंद्रो निंगोमबम, महासचिव राजिंदर सिंह और सीईओ एलेना नॉर्मन को कड़े शब्दों में कहा कि उन्हें टोक्यो ओलंपिक 2020 में ऐतिहासिक कांस्य पदक जीत के बाद टीम के प्रदर्शन को लेकर काफी चिंता है। 

बत्रा के इस पत्र ने हॉकी इंडिया को चौंका दिया है। इस मामले से परिचित सूत्र ने बताया कि टीम प्रबंधन ने मैदान में कोर ग्रुप के रिजर्व खिलाड़यिों को आजमाया, क्योंकि उन्होंने पिछले दो वर्षों से कोई अंतरराष्ट्रीय हॉकी मैच नहीं खेला था। हाल ही में संपन्न एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी में टीम का सेमीफाइनल में जापान के खिलाफ प्रदर्शन निराशाजनक रहा और वह खिताब को डिफेंड करने में विफल रही। वहीं मौजूदा एफआईएच प्रो लीग टूर्नामेंट में फ्रांस के खिलाफ दूसरे मैच में भारत का दबदबा रहा, लेकिन एकाग्रता में कुछ चूक की कीमत उसे चुकानी पड़ी। 

समझा जाता है कि बत्रा ने अपने संदेश में बिना कुछ बताए टीम प्रबंधन की ओर भी उंगली उठाई है। टीम के सूत्रों ने बताया कि वह फ्रांस से हार के बाद कुछ गंभीर मीडिया रिपोटरं से खुश नहीं थे और हॉकी इंडिया के शीर्ष अधिकारियों ने बाद में उनके साथ तर्क -वितर्क किया। 

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