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नई दिल्ली : भारत ने दक्षिण कोरिया के प्योंगटेक में एशिया-ओसियाना ओपन पावरलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 6 स्वर्ण सहित 22 पदकों के साथ अपने अभियान को खत्म किया जिसमें पावर लिफ्टर अशोक और सुधीर ने हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों के लिए क्वालिफिकेशन हासिल किए। अशोक ने एशिया और ओपन स्पर्धाओं में पुरुषों के 65 किग्रा (कुल स्कोर) में दो स्वर्ण अपने नाम किये, जबकि जॉबी मैथ्यू ने मास्टर एशिया और ओपन स्पर्धाओं में पुरुषों के 59 किग्रा (सर्वश्रेष्ठ लिफ्ट और कुल स्कोर) में चार पीले तमगे जीते। 


सोमवार को व्यक्तिगत स्पर्धाओं के अंतिम दिन सुधीर ने जॉर्डन के पैरालंपिक और  विश्व चैंपियन अब्देलकरीम खत्ताब (241 किग्रा) और चीन के जिक्सियोंग ये (233 किग्रा) के बाद  214 किग्रा के सर्वश्रेष्ठ प्रयास के साथ पुरुषों के 88 किग्रा में कांस्य पदक अपने नाम किया। भारतीय टीम ने कुल मिलाकर छह स्वर्ण, चार रजत और 12 कांस्य पदक जीते। चीन 21 स्वर्ण सहित 29 पदकों के साथ शीर्ष पर रहा।

अशोक और सुधीर अब परमजीत कुमार (49 किग्रा से कम पुरुष) और सकीना खातून (45 किग्रा से कम महिला) के साथ हांगझोऊ एशियाई पैरा खेलों में भाग लेंगे। इस साल प्रस्तावित इन खेलों को चीन में कोविड-19 स्थिति के कारण स्थगित कर दिया गया है। उम्मीद है कि ये खिलाड़ी विश्व रैंकिंग में सुधार के दम पर 2024 पेरिस पैरालंपिक खेलों का टिकट पक्का कर लेंगे। परमजीत, खातून, सुधीर, गीता और मनप्रीत कौर बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेलों में पैरा पावरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

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