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स्पोर्ट्स डेस्क : 2000 के दशक में भारतीय टीम की लंबे समय तक विकेटकीपर-बल्लेबाज की खोज महेंद्र सिंह धोनी के रूप में समाप्त हुई थी जिन्होंने अपने 15 साल के लंबे अंतरराष्ट्रीय करियर के दौरान एक दशक तक टीम का नेतृत्व किया और आईसीसी की तीनों ट्रॉफियां भारत को दिलाने में मदद की। इस दौरान कई विकेटकीपरों ने भारत में पदार्पण किया जिनमें पार्थिव पटेल भी शामिल थे और धोनी से अपनी जगह गंवा बैठे थे। लेकिन हाल ही में टीम इंडिया से स्थान गंवाने पर धोनी नहीं बल्कि खुद का दोष माना। 

मुंबई इंडियंस के बैकरूम स्टाफ के सदस्य पटेल ने हाल ही में कहा कि वह धोनी से अपनी जगह गंवाने के लिए बदकिस्मत नहीं थे क्योंकि उन्हें 19 टेस्ट दिए गए थे। पटेल ने एक शो में कहा, 'ईमानदारी से कहूं तो, मैं इसे इस तरह से नहीं देखता (चाहे वह बदकिस्मत हो)। धोनी से पहले भारतीय टीम में मेरी पहली जगह थी। मुझे हटा दिया गया क्योंकि मेरा प्रदर्शन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छा नहीं था। 

उन्होंने कहा, 'फिर एमएस धोनी आए। मैं यह नहीं कह सकता कि मैं बदकिस्मत था क्योंकि मुझे अधिक खेलने का मौका नहीं मिला। मैं ड्रॉप होने से पहले ही 19 टेस्ट मैच खेल चुका था। मैं यह भी नहीं कह सकता कि मुझे पर्याप्त अवसर नहीं मिले। 19 टेस्ट मैच बहुत हैं।' गौर हो कि पटेल ने 25 टेस्ट, 38 वनडे और 2 टी20 मैच खेले जिसमें उन्होंने क्रमशः 934, वनडे में 736 और टी20 में 36 रन बनाए। वह आईपीएल में धोनी के नेतृत्व में भी खेले। 

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