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नई दिल्ली: कोविड-19 लॉकडाउन के कारण बेंगलुरू के भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केन्द्र में पिछले दो महीने से फंसे भारतीय हॉकी टीम के खिलाड़ियों को शुक्रवार को एक महीने का अवकाश दिया गया जिससे वह परिवार के साथ समय बिता सकें। भारत सरकार ने 25 मार्च से जब देशभर में कोरोना वायरस के प्रसार को रोकने के लिए लॉकडाउन की घोषणा की थी तब पुरुष और महिला हॉकी टीम के खिलाड़ी दक्षिण बेंगलुरू स्थित साइ के केन्द्र में थे। अवकाश मिलने के बाद शुक्रवार को टीम के ज्यादातर खिलाड़ी अपने घरो के लिए रवाना हो गए।

हॉकी इंडिया के एक सूत्र ने कहा, ‘एक महीने का अवकाश मिलने के बाद शुक्रवार को ज्यादातर खिलाड़ी अपने घर को लौट गये। उन्हें घर की काफी याद आ रही थी और उन्होंने खेल मंत्री किरेन रीजीजू को एक ऑनलाइन सम्मेलन में इस बारे में बताया था।' पुरुष टीम के गोलकीपर सूरज करकेरा और महिला टीम की वंदना कटारिया, सुशीला चानू और लालरेमसियामी के अलावा भी खिलाड़ी अपने घर को लौट गए। 

सूत्र ने कहा, ‘सूरज के गृहनगर मुंबई में स्थिति अच्छी नहीं है इस लिए वह यही रूके है। वंदना, सुशीला और लालरेमसियामी अपने-अपने राज्यों में लागू कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण नहीं गये। सुशीला मणिपुर से है जबकि वंदन उत्तराखंड और लालरेमसियामी मिजोरम से है। अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर प्रतिबंध के कारण मुख्य कोच ग्राहम रीड सहित पुरुष टीम के सहयोगी स्टाफ को बेंगलुरू में रूकना पड़ा। महिला टीम के कोच शुअर्ड मारिन और विश्लेषणात्मक कोच जनेके शोपमैन नीदरलैंड से है और दोनों मुंबई से अपने घर वापस जा रहे हैं। यह पता चला है कि दोनों टीमें 19 जुलाई को बेंगलुरु के साइ केन्द्र में फिर से इकट्ठा होगी।

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