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बेंगलुरु : पेशेवर खिलाड़ी के तौर पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम के स्ट्राइकर मनदीप सिंह ने अपने करियर के दौरान कई कठिन परिस्थितियों का सामना किया है, लेकिन उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद उससे उबरने के दौरान बिताया गया समय उनके लिए सबसे ‘तनावपूर्ण’ रहा है। मनदीप सिंह, कप्तान मनप्रीत सिंह सहित उन छह पुरुष हॉकी खिलाडिय़ों में से एक हैं, जिन्हे राष्ट्रीय शिविर के लिए यहां पहुंचने के बाद पिछले महीने कोविड-19 परीक्षण में पॉजिटिव पाया गया था। मनदीप यहां अस्पताल में भर्ती होने वाले पहले खिलाड़ी थे।

कोविड-19 से उबरने के बाद सभी छह खिलाडिय़ों ने अपने व्यक्तिगत अभ्यास सत्र को फिर से शुरु कर दिया है। हॉकी इंडिया से जारी मीडिया विज्ञप्ति में मनदीप ने कहा- हमने इस महामारी के घातक होने के बारे में पढ़ा और सुना है ऐसे में मुझे लगता है कि कोरोना वायरस की चपेट में आने के बाद पहले कुछ दिन तनावपूर्ण और चिंतित करने वाले थे। उन्होंने कहा- एक पेशेवर हॉकी खिलाड़ी के रूप में मैंने कुछ सबसे कठिन मैच स्थितियों का सामना किया है, लेकिन मैंने कभी इस तरह के तनाव को महसूस नहीं किया था।

भारत के लिए 2019 सत्र में सबसे ज्यादा गोल करने वाले इस खिलाड़ी ने कहा- मैं इससे पहले कभी एंबुलेंस में नहीं गया था, कभी गंभीर रूप से चोटिल भी नहीं हुआ हूं। ऐसे में यह सब मेरे लिए एक नया अनुभव था। बीमारी से उबरने के बाद हॉकी इंडिया ने हमें आराम करने के लिए घर लौटने का विकल्प दिया था, लेकिन हम यहीं रहना चाहते थे और दल के बाकी सदस्यों से फिर से मिलना चाहते है।

कोविड-19 से संघर्ष के दौरान टीम प्रबंधन से मिली मदद और समर्थन से 25 साल का यह खिलाड़ी काफी संतुष्ट है। मनदीप ने कहा- हमारे पास रॉबिन अर्केल के रूप एक बहुत अच्छा प्रशिक्षक है और वह जानता है कि हमें कितनी मेहनत करनी है। हम इस समय नियमित कार्य-भार का केवल 50-60 प्रतिशत काम कर रहे हैं और रोजाना सिर्फ एक सत्र में भाग ले रहे है।
उन्होंने कहा- मुख्य कोच ग्राहम रीड भी लगातार निगरानी कर रहे हैं कि हम सत्र के दौरान कैसा महसूस करते हैं। समूह के बाकी लोगों के साथ फिर से जुड़कर आना अच्छा लग रहा है। मैं पूरी तरह से ठीक होने से राहत महसूस कर रहा हूं। एफआईएच हॉकी प्रो लीग के मंगलवार से फिर से शुरू होने पर मनदीप ने कहा कि दुनिया भर में खेल गतिविधियों के फिर से शुरू होने से उन्हें अच्छा लग रहा है।

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