सेंट लुईस, अमेरिका। (निकलेश जैन) ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स 2026 के खिताबी मुकाबले की शुरुआत भारतीय ग्रैंडमास्टर आर. प्रज्ञानन्दा के लिए निराशाजनक रही। फैबियानो करूआना ने पहले क्लासिकल मुकाबले में प्रज्ञानन्दा को हराकर 6-0 की बढ़त हासिल कर ली। हालांकि यह मुकाबला यहीं खत्म नहीं हुआ था और आगे होने वाले रैपिड और ब्लिट्ज मुकाबलों में प्रज्ञानन्दा के पास वापसी का मौका मौजूद था।
खिताबी मुकाबले में प्रज्ञानन्दा ने काले मोहरों से करूआना की इटैलियन ओपनिंग का सामना किया। खेल के मध्य चरण में दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला काफी संतुलित नजर आ रहा था और किसी एक खिलाड़ी को स्पष्ट बढ़त हासिल नहीं थी। लेकिन 28वीं चाल में प्रज्ञानन्दा की एक बड़ी गलती ने पूरा समीकरण बदल दिया।
प्रज्ञानन्दा ने 28...Rc8?? खेलकर एक महत्वपूर्ण मौका गंवा दिया। करूआना ने तुरंत इस गलती का फायदा उठाया और बढ़त को जीत में बदलते हुए बाजी अपने नाम कर ली।
इस जीत के साथ करूआना ने ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स में आठ साल बाद अपनी पहली क्लासिकल जीत दर्ज की। छह अंक की बढ़त के साथ अमेरिकी खिलाड़ी खिताब की दौड़ में मजबूत स्थिति में पहुंच गए।
लेकिन प्रज्ञानन्दा के लिए वापसी का रास्ता अभी खुला था। इस प्रारूप में एक रैपिड जीत के चार अंक मिलते हैं, ऐसे में छह अंकों की बढ़त भी निर्णायक नहीं थी। प्रज्ञानन्दा को अब अगले क्लासिकल मुकाबले में सफेद मोहरों से खेलने का मौका मिलना था और उनके सामने मैच का रुख बदलने की चुनौती थी।
यही वह स्थिति थी जहां से प्रज्ञानन्दा के शानदार कमबैक की कहानी शुरू हुई। इसके बाद उन्होंने करूआना के खिलाफ लगातार दो रैपिड बाजियां जीतकर छह अंकों की बढ़त को खत्म किया और अंततः ग्रैंड चेस टूर का खिताब अपने नाम कर इतिहास रच दिया।
तीसरे स्थान के मुकाबले में कीमर-So बराबर
तीसरे स्थान के मुकाबले में विंसेंट कीमर और वेस्ली सो के बीच पहला क्लासिकल मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ। दोनों खिलाड़ियों को 3-3 अंक मिले और मुकाबला बराबरी पर रहा।