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मेलबर्न : ऑस्ट्रेलियाई टेस्ट टीम में टिम पेन को शामिल करने के फैसले पर अगर चयनकर्ताओं की राय बंटी हुई रहती है और मतदान होता है तो मुख्य चयनकर्ता जॉर्ज बेली उसमें भाग नहीं लेंगे। चार साल पहले एक महिला सहकर्मी को अश्लील मैसेज भेजने का मामला हाल ही में प्रकाश में आने के बाद पेन ने शुक्रवार को टेस्ट टीम की कप्तानी छोड़ दी थी। विकेटकीपर बल्लेबाज पेन ने हालांकि आठ दिसंबर से शुरू हो रहा पहला टेस्ट खेलने की इच्छा जताई है। 

बेली के पेन के साथ व्यक्तिगत और व्यावसायिक रिश्ते हैं। उन्होंने एक पॉडकास्ट में कहा, ‘टिम को शामिल करने को लेकर अगर समिति में एकराय नहीं बन पाती है और वोटिंग होती है तो मैं उसमें भाग नहीं लूंगा। फिर टोनी और जस्टिन लैंगर ही तय करेंगे। दोनों को इसकी जानकारी है।' तीन सदस्यीय चयन समिति में बेली के अलावा कोच जस्टिन लैंगर और टोनी डोडेमेड हैं। क्रिकेट तस्मानिया ने पेन के साथ किए बर्ताव के लिए क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया की आलोचना की है। 

क्रिकेट तस्मानिया के अध्यक्ष एंड्रयू गागिन ने कहा, ‘हाल ही में लोगों से हुई बातचीत से स्पष्ट है कि तस्मानियाई क्रिकेट समुदाय और आम जनता में रोष व्याप्त है। केपटाउन मामले (गेंद से छेड़खानी प्रकरण) के बाद आस्ट्रेलियाई क्रिकेट की खोई साख लौटाने में टिम पेन की भूमिका अहम रही है। उसके साथ जो बर्ताव किया गया है, वह 50 साल पहले बिल लॉरी के साथ किये गए बर्ताव के बाद सबसे खराब है।' ऑस्ट्रेलिया की 25 टेस्ट में कप्तानी करने वाले लॉरी को एशेज 1970-71 के बीच में ही कप्तानी से हटा दिया गा था। उन्हें रेडियो पर समाचार प्रसारित होने के बाद ही इसकी जानकारी मिली थी। 

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