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स्पोर्ट्स डेस्क : जहां एक तरफ सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारतीय क्रिकेट टीम टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बेहद करीब पहुंच गई है, वहीं दूसरी ओर भारत की जूनियर बॉक्सिंग टीम को बड़ा झटका लगा है। भारतीय टीम को मजबूरन यूथ बॉक्सिंग वर्ल्ड कप से बाहर होना पड़ा। इसकी वजह वेस्ट एशिया में बने तनावपूर्ण हालात और उससे जुड़ी लॉजिस्टिक समस्याएं बताई जा रही हैं। बताया जा रहा है कि भारतीय जूनियर बॉक्सिंग टीम मोंटेनेग्रो में होने वाले यूथ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेने वाली थी, लेकिन जरूरी दस्तावेज समय पर वापस नहीं मिलने के कारण टीम टूर्नामेंट में भाग नहीं ले सकी।

मोंटेनेग्रो में होना था टूर्नामेंट

भारतीय जूनियर बॉक्सिंग टीम को 3 से 11 मार्च के बीच मोंटेनेग्रो के बुडवा शहर में आयोजित होने वाले यूथ वर्ल्ड कप में हिस्सा लेना था। यह प्रतियोगिता वर्ल्ड बॉक्सिंग (WB) द्वारा मंजूर की गई थी और इसमें कई देशों की युवा टीमें हिस्सा लेने वाली थीं।

भारत की ओर से 10 खिलाड़ियों की टीम इस टूर्नामेंट के लिए चुनी गई थी। टीम में पांच लड़के और पांच लड़कियां शामिल थे। खिलाड़ियों ने इस प्रतियोगिता के लिए तैयारी भी पूरी कर ली थी और उन्हें इस टूर्नामेंट से काफी उम्मीदें थीं।

भारत में नहीं है मोंटेनेग्रो की एम्बेसी

इस पूरे मामले की सबसे बड़ी वजह वीजा प्रक्रिया से जुड़ी रही। दरअसल भारत में मोंटेनेग्रो की एम्बेसी मौजूद नहीं है। इसी कारण खिलाड़ियों के वीजा की प्रक्रिया पूरी करने के लिए बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (BFI) को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में स्थित मोंटेनेग्रो की एम्बेसी का सहारा लेना पड़ा। वीजा स्टैम्पिंग के लिए खिलाड़ियों के फिजिकल पासपोर्ट जमा करना जरूरी था। इसलिए टीम के सभी 10 खिलाड़ियों के पासपोर्ट यूएई भेज दिए गए ताकि वहां वीजा की औपचारिकताएं पूरी की जा सकें।

पासपोर्ट समय पर नहीं लौट पाए

आमतौर पर वीजा स्टैम्प होने के बाद पासपोर्ट दो से तीन दिनों के भीतर वापस भेज दिए जाते हैं, लेकिन इस बार हालात अलग थे। वेस्ट एशिया में अचानक बढ़े तनाव और जंग जैसे माहौल के कारण पासपोर्ट समय पर भारत वापस नहीं भेजे जा सके।

सूत्रों के अनुसार खिलाड़ियों के वीजा की मंजूरी ईमेल के माध्यम से पहले ही मिल चुकी थी, लेकिन असली परेशानी फिजिकल पासपोर्ट के भारत न पहुंच पाने की वजह से पैदा हुई। पासपोर्ट के बिना खिलाड़ी यात्रा नहीं कर सकते थे, इसलिए पूरी टीम मोंटेनेग्रो के लिए रवाना नहीं हो सकी।

20 फरवरी को जमा किए गए थे पासपोर्ट

रिपोर्ट के मुताबिक खिलाड़ियों के पासपोर्ट 20 फरवरी को वीजा स्टैम्पिंग के लिए जमा कर दिए गए थे। भारतीय टीम की फ्लाइट टिकट भी तैयार रखी गई थी और उन्हें स्टैंडबाय पर रखा गया था ताकि पासपोर्ट मिलते ही टीम तुरंत रवाना हो सके। हालांकि समय बीतता गया, लेकिन पासपोर्ट वापस नहीं पहुंचे। इसी वजह से अंत में भारतीय टीम को टूर्नामेंट से हटना पड़ा।

लगातार संपर्क में था बॉक्सिंग फेडरेशन

इस पूरे मामले में बॉक्सिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लगातार मोंटेनेग्रो की संबंधित अधिकारियों और भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) के संपर्क में था। कोशिश की जा रही थी कि किसी तरह पासपोर्ट जल्दी भारत भेजे जा सकें, लेकिन हालात के कारण ऐसा संभव नहीं हो पाया।