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स्पोर्ट्स डेस्क : 2026 T20 वर्ल्ड कप से पहले क्रिकेट के मैदान के बाहर बयानबाज़ी और सोशल मीडिया बहस तेज़ हो गई है। भारत और पाकिस्तान के बीच पुरानी प्रतिद्वंद्विता अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी साफ़ दिखाई दे रही है। इसी बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के एक पोस्ट ने नया विवाद खड़ा कर दिया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले T20 इंटरनेशनल में मिली जीत पर उनकी तारीफ को लेकर पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने तीखा और व्यंग्यात्मक जवाब दिया, जो देखते ही देखते चर्चा का विषय बन गया। 

पीएम शहबाज शरीफ का पोस्ट क्यों बना चर्चा का कारण 

पाकिस्तान द्वारा ऑस्ट्रेलिया को पहले T20I में हराने के बाद प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने X (पूर्व ट्विटर) पर टीम की खुलकर सराहना की। उन्होंने न सिर्फ खिलाड़ियों की तारीफ की, बल्कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की लीडरशिप को भी जीत का श्रेय दिया। शरीफ ने इसे “देश के लिए गर्व का पल” बताया, जिससे यह पोस्ट तुरंत वायरल हो गया। हालांकि, कई क्रिकेट फैंस और विशेषज्ञों को यह प्रतिक्रिया कुछ ज़्यादा ही बढ़ा-चढ़ाकर लग रही थी। 

आकाश चोपड़ा का सीधा और व्यंग्यात्मक जवाब 

पूर्व भारतीय ओपनर आकाश चोपड़ा, जो अपने बेबाक विश्लेषण के लिए जाने जाते हैं, ने इस पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए “पूरे सम्मान के साथ” शब्दों का इस्तेमाल किया, लेकिन संदेश बेहद तीखा था। चोपड़ा ने याद दिलाया कि पाकिस्तान ने जिस ऑस्ट्रेलियाई टीम को हराया, वह उनकी फुल-स्ट्रेंथ टीम नहीं थी। उन्होंने लिखा कि यह ऑस्ट्रेलिया की B टीम के खिलाफ एक द्विपक्षीय मुकाबला था, जिसमें कई बड़े नाम मौजूद नहीं थे। 

ऑस्ट्रेलिया की कमजोर टीम का जिक्र 

चोपड़ा ने अपने जवाब में यह भी गिनाया कि ऑस्ट्रेलिया इस सीरीज़ में अपने कई स्टार खिलाड़ियों के बिना खेल रहा है। पैट कमिंस, जोश हेज़लवुड, ग्लेन मैक्सवेल, टिम डेविड और नाथन एलिस जैसे खिलाड़ी फिटनेस और वर्कलोड मैनेजमेंट के कारण टीम का हिस्सा नहीं थे। यहां तक कि नियमित कप्तान मिशेल मार्श भी पहला मैच नहीं खेल पाए, जिसके चलते ट्रैविस हेड को कप्तानी सौंपी गई। 

स्कोरलाइन पर भी उठाए सवाल 

आकाश चोपड़ा ने सिर्फ टीम कॉम्बिनेशन ही नहीं, बल्कि मैच के नतीजे पर भी सवाल खड़े किए। पाकिस्तान ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 168/8 का स्कोर बनाया और ऑस्ट्रेलिया को 146/8 पर रोक दिया। चोपड़ा के मुताबिक, कम स्कोर वाले मुकाबले में 20–22 रन की जीत को “शानदार प्रदर्शन” या “देश के लिए गर्व का पल” कहना थोड़ा अतिशयोक्ति भरा है। 

सोशल मीडिया पर तेज हुई बहस 

इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज़ हो गई। कुछ फैंस ने चोपड़ा के तर्क का समर्थन किया, जबकि पाकिस्तान समर्थकों ने प्रधानमंत्री के उत्साह को सही ठहराया। यह विवाद एक बार फिर दिखाता है कि भारत–पाकिस्तान क्रिकेट सिर्फ मैदान तक सीमित नहीं है, बल्कि बयान और प्रतिक्रियाएं भी उतनी ही सुर्खियां बटोरती हैं।