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दुबई : भारतीय फुटबॉल टीम के रक्षा पंक्ति के अनुभवी खिलाड़ी संदेश झिंगन ने कहा कि युवा खिलाडिय़ों में आक्रमकता और धैर्य का सही संतुलन है जिसने ओमन के खिलाफ 1-1 से ड्रा मैत्री मैच में उनके काम का आसान कर दिया। इस मैच में 27 साल के झिंगन ने टीम की अगुवाई की जिसमें 6 नए खिलाड़ियों को मौका दिया गया। मैच खत्म होने से पहले पदार्पण करने वाले खिलाडिय़ों की संख्या 10 हो गई। झिंगन ने एआईएफएफ से कहा- इन खिलाड़ियों के लिए यह कहा सकता हूं कि मुझे इन्हें ज्यादा कुछ बताना नहीं पड़ा। वे पहले से ही अच्छा करने के लिए प्रेरित और मानसिक रूप से तैयार है।

उन्होंने कहा- जाहिर है आपको धैर्यवान और होशियार होना होगा। आपको दूसरी टीम के खिलाफ जीतने के लिए कुछ आक्रमकता की भी जरूरत होती है। इन खिलाड़ियों के पास आक्रमकता हैं और जब गेंद उनके पास जाती है तो वे शांत रहते है। ऐसे में एक कप्तान के तौर पर मेरा काम आसान हो जाता है। झिंगन ने खुद 2015 में जब नेपाल के खिलाफ पदार्पण किया था तब मौजूदा कोच स्टीफन कांस्टेंटाइन ने सात नए खिलाड़ियों को मैदान में उतारा था।

उन्होंने उसे याद करते हुए कहा- उस दिन मैंने अपनी मां को फोन किया और बताया कि मैंने अंतरराष्ट्रीय पदार्पण कर लिया है। अब मुझे महसूस हो रहा है कि वह साल 2015 था। समय तेजी से निकलता है। भारतीय टीम ने पिछडऩे के बाद मनवीर सिंह के 55वें मिनट में किए गोल के दम पर ओमान को 1-1 की बराबरी पर रोका था।

टीम के मुख्य कोच इगोर स्टिमक ने कहा कि वह नतीजे और इतने सारे खिलाडिय़ों के पदार्पण से खुश है। उन्होंने कहा- आखिर में हमारे लिए नतीजा अच्छा रहा। पूरी टीम ने दूसरे हाफ में बेहतर प्रदर्शन किया। उन्होंने अपना सर्वश्रेष्ठ दिया और सब कुछ आजमाया। टीम में अच्छे से बदलाव हो रहा है, जैसा कि मैं चाहता था। भारतीय टीम सोमवार को यूएई के खिलाफ मैत्री मुकाबला खेलेगी।

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