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नई दिल्ली : अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) के सदस्य संघों ने राज्य इकाइयों को वित्तीय मदद देने के मामले में भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) का अनुसरण करने की मांग की। एआईएफएफ की शनिवार को मुंबई में हुई वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के दौरान सदस्य संघों द्वारा दुनिया के सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड का उदाहरण दिया गया था। महासंघ के एक अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा कि कुछ सदस्यों ने वित्तीय सहायता के मामले में राज्य संघों को बीसीसीआई के समर्थन का उदाहरण दिया। उन्होंने एआईएफएफ से अपने संबंधित राज्यों में फुटबॉल के विकास को जारी रखने के लिए पर्याप्त धन के साथ मदद करने का आग्रह किया। 

एआईएफएफ के अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि मामले की ‘निश्चित रूप से समीक्षा' की जाएगी, लेकिन साथ ही उन्होंने संघों से एक बेहतर कामकाजी संबंध बनाने और अपनी संबंधित राज्य सरकारों से समर्थन लेने का भी आग्रह किया। पटेल ने फुटबॉल के विकास के लिए ओडिशा, झारखंड, केरल और पश्चिम बंगाल की सरकारों के समर्थन की ओर भी इशारा किया। उन्होंने एजीएम के दौरान कहा कि एआईएफएफ राज्य संघों को वित्तीय अनुदान मंजूर करेगा। 

उन्होंने कहा कि हमने कोविड-19 महामारी की असाधारण परिस्थितियों में पिछले साल कोष की पेशकश की थी। हम इस साल फिर से राज्य संघों के साथ खड़े होने के लिए अपने बजट पर काम करेंगे। इस बीच, यह पता चला है कि कर्नाटक राज्य फुटबॉल संघ (केएसएफए) के अध्यक्ष एनए हैरिस चाहते थे कि एजीएम एक विशेष प्रस्ताव पारित करे जो पटेल को एआईएफएफ प्रमुख के रूप में चौथे कार्यकाल के लिए जारी रखने की अनुमति दे। इस सुझाव को हालांकि तुरंत खारिज कर दिया गया क्योंकि यह खेल संहिता का उल्लंघन है। 

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