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खेल डैस्क : एशिया और कॉमनवेल्थ गेम्स में ब्रॉन्ज जीतने वाली दिव्या काकरान ने शादी कर ली है। दिव्या ने नेशनल बॉडी बिल्डर खिलाड़ी सचिन प्रताप को अपना हमसफर चुना है। पारिवारिक सदस्यों की मौजूदगी मेें दोनों की शादी हुई। सचिन मूल रूप से शामली के जाफरपुर गांव का रहने वाला है और इन दिनों परिवार के साथ मेरठ में रहता है। सचिन के पिता मेरठ में रहते हैं।

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दिव्या काकरान उत्तरी दिल्ली की रहने वाली हैं और पुरबलियां गांव के एक मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता सूरज सेन ने आजीविका चलाने के लिए पहलवानों के लंगोट बनाकर बेचे। काकरान ने भारत के दादरी में नोएडा कॉलेज ऑफ फिजिकल एजुकेशन में शारीरिक शिक्षा और खेल विज्ञान की बढ़ाई की है। 

 

दिव्या की उपलब्धियां
 

कॉनवेल्थ गेम्स : 2018 गोल्ड कॉस्ट में ब्रॉन्ज
एशियन गेम्स : 2018 जकार्ता में ब्रॉन्ज
एशियन चैम्पियनशिप
2021 अल्माती 72 किलो. वर्ग में गोल्ड
2020 नई दिल्ली 68 किलो. वर्ग में गोल्ड
2017 नई दिल्ली 68 किलो. वर्ग में सिल्वर
2019 जिआन 68 किलो. वर्ग में ब्रॉन्ज
कॉमनवैल्थ चैम्पियनशिप
2017 जोहानिसबर्ग 69 किलो. वर्ग में गोल्ड

 

मां ने दिव्या की टे्रनिंग के लिए बेच दिया था मंगलसूत्र
भारतीय पहलवान दिव्या काकरान को अर्जुन पुरुस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। सम्मान मिलने के बाद दिव्या ने कहा था कि वह सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने कहा- मैं अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर सकती। अर्जुन पुरस्कार हर खिलाड़ी का सपना है। अभी मैं चांद पर हूं। मेरे परिवार और मुझे बहुत संघर्ष का सामना करना पड़ा और यह पुरस्कार हमारी मेहनत का परिणाम है। मैं विशेष रूप से इस पुरस्कार को अपने परिवार, अपनी मां को समर्पित करना चाहती हूं। मैं एक गरीब परिवार से आई। मेरे पिता पुरुषों के लिए कुश्ती के जॉकस्ट्रैप बेचते थे, जो मेरी मां पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुर गांव में हमारे किराए के घर में सिलाई करती थी। दिव्या ने कहा- मुझे याद है कि जब मेरी मां ने एक बार मेरी ट्रेनिंग के लिए अपना मंगलसूत्र बेच दिया था। पिछले साल मुझे नौकरी मिलने तक जीवन बहुत कठिन था। लेकिन अब यह अतीत है। इस पुरस्कार के साथ, मैं अपनी ओलंपिक तैयारी पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हूं। 

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