स्पोर्ट्स डेस्क : आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 में ईशान किशन ने नामीबिया के खिलाफ विस्फोटक बल्लेबाज़ी कर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा लिया। दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने महज़ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा किया और भारत के लिए टी20 वर्ल्ड कप में सबसे तेज़ फिफ्टी लगाने वाले बल्लेबाज़ों की खास सूची में शामिल हो गए। उनकी 24 गेंदों पर 61 रन की तूफानी पारी ने मैच का रुख शुरुआती ओवरों में ही भारत की ओर मोड़ दिया।
भारत के लिए सबसे तेज फिफ्टी की एलीट लिस्ट में ईशान
टी20 वर्ल्ड कप में भारत के लिए सबसे तेज अर्धशतक का रिकॉर्ड युवराज सिंह के नाम है, जिन्होंने 2007 में इंग्लैंड के खिलाफ डरबन में सिर्फ 12 गेंदों में फिफ्टी जड़ी थी। उसी टूर्नामेंट में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 20 गेंदों में भी अर्धशतक बनाया था। इसके बाद केएल राहुल ने 2021 में स्कॉटलैंड के खिलाफ 18 गेंदों में पचासा ठोका। रोहित शर्मा ने 2024 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 19 गेंदों में यह उपलब्धि हासिल की। अब ईशान किशन ने 2026 में नामीबिया के खिलाफ 20 गेंदों में फिफ्टी पूरी कर इस प्रतिष्ठित सूची में अपना नाम दर्ज करा लिया है।
12 - युवराज सिंह बनाम इंग्लैंड, डरबन, 2007
18 - केएल राहुल बनाम स्कॉटलैंड, दुबई, 2021
19 - रोहित शर्मा बनाम ऑस्ट्रेलिया, ग्रोस आइलेट, 2024
20 - युवराज सिंह बनाम ऑस्ट्रेलिया, डरबन, 2007
20 - ईशान किशन बनाम नामीबिया, दिल्ली, 2026
नामीबिया के खिलाफ 61 रन की आक्रामक पारी
ईशान किशन ने अपनी पारी की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाते हुए गेंदबाज़ों पर दबाव बनाया। महज़ 20 गेंदों में अर्धशतक पूरा करने के बाद भी उनका आक्रामक अंदाज जारी रहा। उन्होंने कुल 24 गेंदों पर 61 रन बनाए, जिसमें 6 चौके और 5 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 250 से अधिक रहा, जो टी20 क्रिकेट में किसी भी बल्लेबाज़ के लिए बेहद प्रभावशाली माना जाता है।
पावरप्ले में मैच पर पकड़
ईशान किशन की इस पारी की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि उन्होंने शुरुआती छह ओवरों में ही नामीबिया के गेंदबाज़ों को बैकफुट पर ला दिया। तेज शुरुआत के कारण भारत को मजबूत प्लेटफॉर्म मिला और मध्यक्रम के बल्लेबाज़ों पर दबाव कम हो गया। टी20 क्रिकेट में पावरप्ले का अधिकतम उपयोग जीत की कुंजी माना जाता है, और ईशान ने यही भूमिका बखूबी निभाई। उनके शॉट चयन, टाइमिंग और आत्मविश्वास ने टीम की रणनीति को स्पष्ट कर दिया—आक्रामक शुरुआत और बड़े स्कोर की नींव।