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बेंगलुरु : भारतीय महिला हॉकी टीम की मिडफील्डर निकी प्रधान का कहना है कि मौजूदा अनुभवी मिडफील्डर्स आने वाले वर्षों में बड़े टूर्नामेंटों में महत्वपूर्ण साबित होंगे। निकी 2017 महिला एशिया कप में स्वर्ण पदक, 2019 में एफआईएच महिला सीरीज फाइनल्स और हॉकी ओलंपिक क्वालीफायर्स में अमेरिका को हराकर टोक्यो ओलंपिक कोटा हासिल करने वाली महिला हॉकी टीम की सदस्य रही थीं। निकी ने 100 से ज्यादा अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले हैं।

26 वर्षीय मिडफील्डर ने कहा- जो समय मैंने रांची में बारियातू गल्र्स हॉकी सेंटर में बिताया वो हमेशा से मेरे लिए विशेष रहेगा। मैंने काफी युवा अवस्था में हॉकी खेलना शुरु किया था लेकिन मैंने ज्यादातर तकनीक सेंटर में जाकर सीखी जब मैं वहां 2005 में शामिल हुई। सेंटर में अभ्यास करना और सीखना मेरे लिए फायदेमंद रहा और वहां से मेरा कौशल विकसित हुआ।

उन्होंने कहा- हम काफी भाग्यशाली है कि हमारी टीम में कई मिडफील्डर हैं जिन्होंने राष्ट्रीय टीम के लिए 100 से ज्यादा मैच खेले हैं। अनुभव ओलंपिक जैसे बड़े टूर्नामेंट के लिए बड़ा फैक्टर होता है और अगर हम अपना 100 फीसदी देने में कामयाब रहे तो किसी भी टीम को पराजित कर सकते हैं। अनुभव हमें शांत रहना और दबाव में साफी दिमाग से सोचना सिखाता है। आने वाले वर्षों में हमारे अनुभवी मिडफील्डर्स काफी महत्वपूर्ण होंगे।

निकी ने कहा- रियो ओलंपिक का हिस्सा होना शानदार अनुभव था। दुनियाभर के शीर्ष एथलीटों के बीच एक अलग अनुभव था। भारतीय महिला हॉकी टीम ने 36 वर्षों के बाद ओलंपिक में क्वालीफाई किया था तो जाहिर है कि यह हम सभी के लिए बहुत बड़ा पल था। हालांकि जीते बिना वापस आना हमारे लिए दुखद था।

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