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स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए चार मैचों की सीरीज के तीसरे टेस्ट मैच में भारत ने 10 विकेट से जीत दर्ज की। भारत की इस जीत के बाद कई लोगों ने पिच पर सवाल खड़े किए जिसमें पूर्व क्रिकेटर्स भी शामिल हैं। लेकिन भारतीय टीम के कप्तान का कहना है कि पिच जिम्मेदार नहीं थी बल्कि दोनों टीमों के बल्लेबाजों का प्रदर्शन खराब था। वहीं इंग्लिश मीडिया पिच पर दोष लगा रहा है। भारत के आईसीसी वर्ल्ड टेस्ट चैम्पियनशिप में अंक काटे जाने सहित पिच पर बैन लगाने की भी बात की है। 

टेलीग्राफ ने अपनी एक रिपोर्ट में लिखा, यह पिच खेलने के लिहाज से पूरी तरह अनफिट थी। मैच 2 ही दिन में पूरा हो गया। टीम इंडिया के वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक भी काटे जाने चाहिए और पिच पर भी बैन लगना चाहिए। उन्होंने आगे कहा, इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड शायद ही आईसीसी से आधिकारिक शिकायत करेगा। 

टेलीग्राफ ने लिखा, वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप का फाइनल नजदीक है और अंतिम मैच भी इसी मैदान पर ही होना है, ऐसे में वेन्यू को लेकर सवाल नहीं उठाया जा सकता। वहीं टीम इंडिया को इस साल इंग्लैंड का दौरा करना है और पांच मैचों की टेस्ट सीरीज होनी है। इंग्लैंड द्वारा पिच को लेकर आईसीसी से शिकायत करने पर भारत दौरा रद्द कर सकता है जिससे इंग्लिश बोर्ड के रेवेन्यू पर पड़ेगा। 

गार्डियन ने टीम मैनेंजमेंट पर उठाए हुए लिखा, टीम इसके पहले चेन्नई की पिच पर भी स्पिन गेंदबाजों का अच्छे से सामना नहीं कर सकी थी। टीम के चयन में भी गड़बड़ी हुई। भारत ने जहां तीन स्पिन गेंदबाजों को उतारा वहीं इंग्लैंड सिर्फ एक स्पिन गेंदबाज के साथ उतरी। हमारे बल्लेबाजों को स्पिन गेंदबाजों के सामने बल्लेबाजी करना सीखना होगा। 

बीबीसी ने लिखा कि टीम इंडिया ने 2 ही दिन में इंग्लैंड पर आसान जीत दर्ज की। हालांकि दोनों ही टीमें इस पर पिच पर अच्छा नहीं खेल सकीं। टीम इंडिया भी पहली पारी में सिर्फ 145 रन ही बना सकी। उन्होंने हार का मुख्य कारण बताते हुए कहा कि इंग्लैंड की टीम टॉस जीतकर पहली पारी में बड़ा स्कोर नहीं खड़ा कर सकी, यह भी हार का मुख्य कारण रहा। 

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