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स्पोर्ट्स डेस्क : इंग्लैंड की 29 वर्षीय तेज गेंदबाज ताशा फर्रेंट ने लगातार पीठ की चोट से जूझने के बाद पेशेवर क्रिकेट से संन्यास लेने का फैसला किया है। चार साल तक चोट से संघर्ष करने के बाद उन्होंने खेल को अलविदा कह दिया। फर्रेंट ने बताया कि वह फिटनेस के आवश्यक मानकों तक दोबारा नहीं पहुंच पा रही थीं, जिससे उन्होंने यह कठिन निर्णय लिया।

2022 से चला चोट का सिलसिला

फर्रेंट को पहली बार 2022 में बैक स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ था। उन्होंने सर्जरी भी करवाई, लेकिन समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। बार-बार उभरती चोट ने उनके प्रदर्शन और मानसिक स्थिति पर असर डाला, जिसके चलते उन्होंने संन्यास लेने का फैसला किया।

प्रेस विज्ञप्ति में उन्होंने कहा, 'दुख के साथ मैं पेशेवर क्रिकेट से दूर हो रही हूं। मैंने पूरी कोशिश की, लेकिन अब उस स्तर तक नहीं पहुंच पा रही हूं, जिसकी जरूरत है।' उन्होंने आगे कहा कि लगातार चोट और मानसिक-शारीरिक दबाव ने उनके करियर के इस अध्याय को समाप्त कर दिया।

17 साल की उम्र में डेब्यू, द हंड्रेड में चमकीं

ताशा फर्रेंट ने 2013 में मात्र 17 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया। 6 वनडे मैच – 5 विकेट, 18 टी20 अंतरराष्ट्रीय – 15 विकेट।

उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन महिला द हंड्रेड के पहले सीजन में आया, जहां उन्होंने ओवल इनविंसिबल्स (अब MI लंदन) के लिए खेलते हुए 10 मैचों में 18 विकेट लिए और टूर्नामेंट की सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं। टीम को खिताब दिलाने में उनकी अहम भूमिका रही। 2025 सीजन में वापसी के बाद उन्होंने छह मैचों में छह विकेट लिए, लेकिन उनकी इकॉनमी 9.93 रही।

सरे ने बताया ‘प्रेरणादायक खिलाड़ी’

सरे महिला क्रिकेट की निदेशक एम्मा कैलवर्ट ने फर्रेंट की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने युवा उम्र में खेल में कदम रखा और महिला क्रिकेट के पेशेवर दौर में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि चोट से उबरने के लिए उनकी मानसिक मजबूती और समर्पण प्रेरणादायक रहा।

अब कमेंट्री बॉक्स में दिखेंगी

संन्यास के बाद भी फर्रेंट क्रिकेट से दूर नहीं हैं। हाल ही में उन्होंने आईसीसी पुरुष अंडर-19 विश्व कप 2026 में कमेंट्री की भूमिका निभाई, जहां भारत ने फाइनल में इंग्लैंड को हराया था।