नई दिल्ली : नीदरलैंड के लिए शीर्ष अंतरराष्ट्रीय टीमों के खिलाफ मुकाबले का आशय अहम क्षणों में दबाव का बखूबी सामना करना है। इसके लिए तकनीक में बदलाव या गलतियों पर डांटने की बजाय डच टीम मनोवैज्ञानिक टॉम डॉसन स्किवब की सलाह पर अमल कर रही है जिन्होंने उनकी आरेंज जर्सी के भीतर सरल लेकिन दमदार 'रिमाइंडर' डाले हैं। सीनियर बल्लेबाज कोलिन एकेरमैन ने बताया कि डॉसन की इस अपारंपरिक तकनीक का मैचों के दौरान फायदा हो रहा है।
उन्होंने कहा, 'टॉम के आने से काफी मदद मिल रही है। वह मैदान से बाहर हमें बताते हैं कि हम अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे कर सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमने ऐसी तकनीक अपनाई है कि हर किसी को दो शब्द दिये गए हैं जो उसके लिए काफी मायने रखते हैं। ये शब्द हमारी जर्सी के भीतर छपे हैं तो जब भी आत्मविश्वास डगमगाता है तो हम उन्हें देख लेते हैं।'
एकेरमैन ने यह भी कहा कि नीदरलैंड की समस्या अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीर्ष टीमों के खिलाफ अधिक मैच नहीं खेल पाना भी है। उन्होंने कहा, 'बड़ी टीमों के खिलाफ हमें ज्यादा खेलने का मौका नहीं मिलता। इस टूर्नामेंट से पहले किसी पूर्ण सदस्य देश के खिलाफ हम पिछले साल अगस्त में खेले थे जब बांग्लादेश से सामना हुआ था। हम कोशिश कर रहे हैं कि मजबूत टीमों के खिलाफ अधिक खेलने का मौका मिल सके।'