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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले टीम इंडिया की खिताब बचाने की उम्मीदों को लेकर एमएस धोनी ने बड़ा बयान दिया है। पूर्व भारतीय कप्तान का मानना है कि सूर्यकुमार यादव की अगुवाई वाली टीम में अनुभव, संतुलन और मैच जिताने की क्षमता है, लेकिन उन्होंने एक ऐसे फैक्टर की ओर इशारा किया है जो नॉकआउट मुकाबलों में पूरा खेल पलट सकता है। मेजबान और डिफेंडिंग चैंपियन होने के बावजूद धोनी की यह चेतावनी टीम इंडिया के लिए अहम मानी जा रही है।

‘यह सबसे खतरनाक टीमों में से एक है’ – धोनी का भरोसा

एमएस धोनी ने टीम इंडिया की ताकत पर खुलकर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि यह टीम हर लिहाज से पूरी है और इसमें वही चीजें मौजूद हैं जो किसी चैंपियन टीम के लिए जरूरी होती हैं। धोनी के मुताबिक, इस फॉर्मेट में भारतीय खिलाड़ियों का अनुभव बेहद अहम है और वे दबाव की परिस्थितियों में खेलने के आदी हैं। यही कारण है कि यह टीम विपक्षियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बन सकती है।

रोल क्लैरिटी और अनुभव बना टीम इंडिया की असली ताकत

धोनी ने यह भी समझाया कि इस भारतीय टीम को दूसरों से अलग क्या बनाता है। उनके अनुसार, हर खिलाड़ी अपनी भूमिका को अच्छे से समझता है और लंबे समय से उसी रोल में खेलता आ रहा है। ऐसे में बड़े मुकाबलों में घबराहट की गुंजाइश कम रहती है। नॉकआउट क्रिकेट में यही स्पष्टता अक्सर जीत और हार के बीच फर्क तय करती है।

जिस चीज से धोनी को सबसे ज्यादा डर है – ओस

हालांकि, भरोसे के साथ-साथ धोनी ने एक बड़ी चिंता भी जाहिर की। उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ओस (Dew) बिल्कुल पसंद नहीं है। उनके मुताबिक, ओस मैच की परिस्थितियों को पूरी तरह बदल देती है और टॉस को बेहद अहम बना देती है। गेंदबाजों के लिए गीली गेंद से नियंत्रण मुश्किल हो जाता है, खासकर स्पिनर्स का असर कम हो जाता है, जिससे मुकाबला एकतरफा भी हो सकता है।

ओस क्यों बन सकती है टूर्नामेंट का गेम-चेंजर

रात के मुकाबलों में ओस का असर सबसे ज्यादा देखने को मिलता है। गीली गेंद से गेंदबाजों को ग्रिप नहीं मिलती, फील्डिंग में भी दिक्कत आती है और कप्तान अक्सर लक्ष्य का पीछा करना पसंद करते हैं। ऐसे हालात में रणनीति से ज्यादा किस्मत और टॉस की भूमिका बढ़ जाती है, जो किसी भी मजबूत टीम के लिए खतरा बन सकती है।

‘हालात बराबर रहे तो भारत ज्यादा मैच जीतेगा’

धोनी का मानना है कि अगर परिस्थितियां निष्पक्ष रहीं तो टीम इंडिया ज्यादातर मुकाबले जीतने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि अगर भारत शीर्ष टीमों के खिलाफ 10 मैच खेले, तो वह अधिकतर बार विजयी रहेगा। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह किसी खिताब की गारंटी नहीं है, बल्कि टीम की गहराई और गुणवत्ता का संकेत है।

T20 क्रिकेट की कड़वी सच्चाई

धोनी ने याद दिलाया कि टी20 क्रिकेट बेहद अनिश्चित होता है। एक दिन किसी खिलाड़ी का खराब प्रदर्शन या विपक्षी खिलाड़ी का असाधारण दिन पूरे टूर्नामेंट की दिशा बदल सकता है। चाहे लीग स्टेज हो या नॉकआउट मुकाबला, सही समय पर फॉर्म और फिटनेस ही सबसे बड़ा अंतर पैदा करती है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी खिलाड़ी का चोटिल होना टीम के लिए बड़ा झटका साबित हो सकता है।

आंकड़े भी बढ़ा रहे टीम इंडिया का भरोसा

धोनी के भरोसे के पीछे आंकड़े भी मजबूत वजह देते हैं। 2024 टी20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद से टीम इंडिया ने लगातार शानदार प्रदर्शन किया है। हाल के वर्षों में भारत का जीत प्रतिशत बेहतरीन रहा है और वह आईसीसी टी20 रैंकिंग में भी शीर्ष पर काबिज है। ऐसे में टीम किसी प्रयोग के दौर में नहीं, बल्कि पूरी तरह तैयार स्थिति में टूर्नामेंट में उतर रही है।

इतिहास के करीब खड़ी टीम इंडिया

अब तक कोई भी टीम पुरुष टी20 वर्ल्ड कप का खिताब बचा नहीं पाई है। अगर भारत 2026 में ऐसा करता है, तो वह इतिहास रच देगा। धोनी की बातों से साफ है कि टीम में क्षमता तो है, लेकिन हालात और किस्मत का साथ मिलना उतना ही जरूरी होगा।