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स्पोर्ट्स डेस्क : विजय हजारे ट्रॉफी 2025-26 के क्वार्टर फाइनल में कर्नाटक और मुंबई के बीच मुकाबला सिर्फ एक जीत-हार तक सीमित नहीं रहा क्योंकि मैच में देवदत्त पडिक्कल ने इतिहास रच दिया। बाएं हाथ के इस शानदार बल्लेबाज ने टूर्नामेंट के इतिहास में नया अध्याय जोड़ते हुए एक बार फिर अपनी क्लास साबित की। बारिश से प्रभावित इस मुकाबले में कर्नाटक ने मुंबई को पछाड़कर सेमीफाइनल में प्रवेश किया। 

देवदत्त पडिक्कल ने रचा विजय हजारे इतिहास

सोमवार 12 जनवरी को देवदत्त पडिक्कल ने विजय हजारे ट्रॉफी की रिकॉर्ड बुक में अपना नाम सुनहरे अक्षरों में लिखवा लिया। वह इस प्रतिष्ठित घरेलू टूर्नामेंट के एक से ज्यादा सीजन में 700 से ज्यादा रन बनाने वाले पहले बल्लेबाज बन गए। इससे पहले एक सीजन में 700 रन पार करने का कमाल सिर्फ पांच बल्लेबाज मयंक अग्रवाल, पृथ्वी शॉ, नारायण जगदीसन, करुण नायर और खुद पडिक्कल ही कर पाए थे। हालांकि, दो अलग-अलग सीजन में यह आंकड़ा पार करने वाले पडिक्कल अब इकलौते खिलाड़ी हैं, जिसने उन्हें बाकी सभी से अलग खड़ा कर दिया है।

क्वार्टर फाइनल में आया ऐतिहासिक पल

2025-26 सीज़न में 700 रन पूरे करने के लिए पडिक्कल को क्वार्टर फाइनल में 60 रनों की दरकार थी। बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-1 पर खेले गए इस मुकाबले में उन्होंने 24वें ओवर में शम्स मुलानी की गेंद पर यह उपलब्धि हासिल की। जैसे ही उन्होंने यह मील का पत्थर छुआ, मैदान में मौजूद दर्शकों और टीम के खिलाड़ियों ने तालियों से उनका स्वागत किया।

बारिश ने रोका खेल, लेकिन कर्नाटक की जीत तय

मैच बारिश और खराब रोशनी के कारण समय से पहले रोकना पड़ा। उस समय मुंबई द्वारा दिए गए 255 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए कर्नाटक ने 33 ओवर में 1 विकेट पर 187 रन बना लिए थे। VJD मेथड के आधार पर कर्नाटक को 55 रनों से विजेता घोषित किया गया और टीम ने सेमीफाइनल में जगह पक्की कर ली। खेल रुकने के समय पडिक्कल 95 गेंदों पर 81 रन बनाकर नाबाद थे, जबकि करुण नायर 80 गेंदों में 74 रन के साथ उनका बेहतरीन साथ निभा रहे थे। दोनों के बीच अटूट साझेदारी ने यह साफ कर दिया था कि कर्नाटक पूरी तरह मैच पर हावी है।

मुंबई की पारी: शम्स मुलानी की जुझारू कोशिश

इससे पहले कर्नाटक ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाज़ी चुनी और मुंबई को 8 विकेट पर 254 रन तक सीमित कर दिया। गेंदबाज़ी में विद्याधर पाटिल ने तीन विकेट लेकर अहम भूमिका निभाई, जबकि विदवथ कावेरप्पा और अभिलाष शेट्टी ने दो-दो सफलता हासिल की। मुंबई की ओर से शम्स मुलानी ने सबसे ज्यादा संघर्ष किया और 91 गेंदों पर 86 रनों की बेहतरीन पारी खेली। हालांकि, अन्य बल्लेबाज़ उनका साथ नहीं दे सके। शुरुआती झटकों के बाद मुलानी और सिद्धेश लाड ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन कर्नाटक के गेंदबाज़ों ने नियमित अंतराल पर विकेट लेकर दबाव बनाए रखा।

पडिक्कल-नायर की जोड़ी ने दिलाई आसान जीत

लक्ष्य का पीछा करते हुए कर्नाटक की शुरुआत भले ही जल्दी विकेट गिरने से हुई, लेकिन देवदत्त पडिक्कल और करुण नायर ने स्थिति को पूरी तरह संभाल लिया। दोनों की समझदारी भरी बल्लेबाज़ी ने मुंबई को वापसी का कोई मौका नहीं दिया। इस जीत के साथ कर्नाटक ने सेमीफाइनल में कदम रखा, जबकि देवदत्त पडिक्कल का नाम विजय हजारे ट्रॉफी के इतिहास में एक बार फिर अमर हो गया।