कराची : पाकिस्तान के सीमित ओवरों के कोच माइक हेसन का कहना है कि बाबर आजम, साइम अयूब, नसीम शाह जैसे सीनियर खिलाड़ियों को बांग्लादेश में एकदिवसीय श्रृंखला से बाहर करने को हाल में संपन्न टी20 विश्व कप में खराब प्रदर्शन की सजा नहीं समझना चाहिए।
पाकिस्तान के नॉकआउट चरण में जगह बनाने में नाकाम रहने के कारण आलोचनाओं का सामना कर रहे हेसन ने जोर देते हुए कहा कि पाकिस्तान को युवा प्रतिभाओं को परखने के बहुत कम मौके मिले हैं और बांग्लादेश में श्रृंखला ऐसा ही मौका है। हेसन ने कहा, 'मैं यह नहीं कहूंगा कि किसी को बाहर किया गया। हम बस इस श्रृंखला को इन होनहार खिलाड़ियों को खुद को साबित करने का मौका देने के तौर पर देख रहे हैं।'
हेसन ने कहा कि अगले साल होने वाले एकदिवसीय विश्व कप को देखते हुए वे देखना चाहते हैं कि उभरते हुए खिलाड़ी कैसी प्रतिक्रिया देते हैं। कोच ने कहा, 'साहिबजादा फरहान ने टी20 में अपने शानदार प्रदर्शन की बदौलत एकदिवसीय टीम में जगह बनाई है। शामिल हुसैन या माज सदाकत जैसे युवा खिलाड़ी घरेलू क्रिकेट और जूनियर टीम में अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।' हेसन ने कहा, 'यह श्रृंखला आसान नहीं होगी क्योंकि बांग्लादेश हमारे से अधिक एकदिवसीय क्रिकेट खेल रहा है। मैं इस श्रृंखला को इन नए खिलाड़ियों के लिए एक बड़े मौके के तौर पर देखता हूं।'
रविवार को पूर्व टेस्ट गेंदबाज सिकंदर बख्त ने जियो न्यूज पर कहा था कि विश्व कप टीम में प्रत्येक खिलाड़ी हेसन की पसंद का था। PCB अध्यक्ष के सलाहकार सिकंदर ने बताया कि उन्होंने चयन समिति की बैठक में हिस्सा लिया था और कुछ खिलाड़ियों के चयन और रणनीति को लेकर उनकी और चयनकर्ता अलीम डार की विदेशी कोच के साथ बहस हुई थी। उन्होंने कहा, 'मेरी उनसे बहस हुई थी। अलीम ने भी अपनी बात रखी लेकिन बाकी चयनकर्ता चुपचाप बैठे रहे और हेसन के फैसलों पर सवाल नहीं उठाया।'