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स्पोर्ट्स डेस्क : टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दौरान भारत-पाकिस्तान मुकाबलों में खिलाड़ियों के हाथ न मिलाने की चर्चाओं के बीच साउथ अफ्रीका के कप्तान टेम्बा बावुमा ने अहम बयान दिया है। उनका मानना है कि मैदान पर खिलाड़ियों का हाथ न मिलाना क्रिकेट की भावना के अनुरूप नहीं है। बावुमा, जो इस टूर्नामेंट में कमेंट्री पैनल का हिस्सा हैं, ने खेल की एकजुट करने वाली ताकत पर जोर देते हुए कहा कि क्रिकेट को हमेशा खेल भावना और सम्मान के साथ जोड़ा गया है।

“बाहर से देखने पर सही नहीं लगता”

Temba Bavuma ने पीटीआई से बातचीत में कहा कि नो-हैंडशेक पॉलिसी एक दर्शक के नजरिए से ठीक नहीं लगती। उनके अनुसार, क्रिकेट को जेंटलमैन गेम कहा जाता है और इसी भावना के साथ खिलाड़ी बड़े होते हैं। उन्होंने कहा कि खेल के अंत में हाथ मिलाना सिर्फ औपचारिकता नहीं, बल्कि आपसी सम्मान का प्रतीक है। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि भारत और पाकिस्तान के बीच की राजनीतिक परिस्थितियों की उन्हें पूरी जानकारी नहीं है, इसलिए वह उस दृष्टिकोण से टिप्पणी नहीं करना चाहते।

राजनीति और खेल के बीच संतुलन

बावुमा ने स्पष्ट किया कि बाहरी दर्शकों के लिए यह स्थिति असहज दिख सकती है, लेकिन हर देश की अपनी परिस्थितियां होती हैं। उन्होंने कहा कि बिना पूरे संदर्भ को समझे किसी भी निर्णय पर अंतिम राय बनाना उचित नहीं होगा। इसके बावजूद, उनका मानना है कि क्रिकेट का मूल संदेश खेल भावना, पारदर्शिता और आपसी सम्मान है। खिलाड़ियों का व्यवहार आने वाली पीढ़ियों के लिए उदाहरण पेश करता है।

खेल की एकजुट करने वाली ताकत

साउथ अफ्रीका के टेस्ट और वनडे कप्तान के तौर पर बावुमा हमेशा सामाजिक मुद्दों पर खुलकर बोलते रहे हैं। उन्होंने अपने देश में समान अवसरों और विविधता को बढ़ावा देने की वकालत की है। उनका कहना है कि खेल लोगों को जोड़ने का माध्यम है। मैदान पर प्रतिस्पर्धा कितनी भी तीखी क्यों न हो, अंत में खिलाड़ियों को एक-दूसरे के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए।

प्रोटियाज का प्रदर्शन और भविष्य की योजनाएं

बावुमा ने टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका के प्रदर्शन पर भी बात की। टीम अब तक अजेय रही है और सेमीफाइनल की दौड़ में मजबूती से खड़ी है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि वह अपने भविष्य को लेकर फिलहाल कोई जल्दबाजी में फैसला नहीं लेना चाहते। उनका ध्यान टीम को लगातार बेहतर प्रदर्शन की ओर ले जाने पर है।

भारतीय बल्लेबाजों और स्पिन चुनौती पर राय

बावुमा ने भारतीय बल्लेबाजों के स्पिन के खिलाफ संघर्ष पर भी अपनी राय रखी। उनका मानना है कि उपमहाद्वीप की पिचों पर स्पिन एक अहम भूमिका निभाती है और हर टीम को इस चुनौती के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने यह भी याद किया कि पिछले साल भारत में साउथ अफ्रीका की टेस्ट टीम की ऐतिहासिक जीत टीम के लिए गर्व का क्षण थी।