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नई दिल्ली : केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने हॉकी इंडिया को विदेशी खातों में धन हस्तान्तरण और उसकी नकद निकासी के पीछे के कारणों का खुलासा करने के अपने आदेश का पालन करने के निर्देश दिए हैं क्योंकि दिल्ली उच्च न्यायालय ने इस पर रोक लगाने की खेल संस्था की याचिका नामंजूर कर दी है।

आयोग ने अपने नोटिस में कहा कि मामले के रिकॉर्ड का अवलोकन करने पर अपीलकर्ता ने सूचित किया कि आपने सीआईसी के आदेश को दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी थी लेकिन उच्च न्यायालय ने सीआईसी के आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। इसमें कहा गया है- इसे देखते हुए आपको आयोग के आदेश का पालन करने का निर्देश दिया जाता है। इस मामले को लेकर की गयी कार्रवाई के बारे में इस पत्र की प्राप्ति के 21 दिनों के भीतर आयोग को सूचित करना होगा।

सुभाष अग्रवाल नामक व्यक्ति ने सूचना के अधिकार अधिनियम (आरटीआई) के तहत अक्टूबर 2019 में हॉकी इंडिया के कामकाज से जुड़े 20 सवालों के जवाब मांगे थे। इनमें बैंक में हस्ताक्षरकर्ता और बैंक खातों पर उनके पदनाम, विदेशी खातों में किए गए धन का हस्तांतरण और इसके खातों से की गई नकद निकासी के कारण बताने के लिए कहा गया था।

हॉकी इंडिया ने आरटीआई अधिनियम की धारा 8 (1) (डी) (वाणिज्यिक गोपनीयता उपबंध) के तहत इस संदर्भ में जानकारी देने से इनकार कर दिया था। सीआईसी के निर्देश देने के बाद हॉकी इंडिया ने इसे दिल्ली उच्च न्यायालय में चुनौती दी और इस पर रोक लगाने की मांग की थी।
 

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