Sports

नई दिल्ली : भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रानी रामपाल ने कहा है कि उनके और अन्य खिलाड़यिों के लिये अब भी यह विश्वास करना मुश्किल है कि उन्होंने टोक्यो ओलंपिक-2020 के लिये क्वालीफाई कर लिया है। अमेरिका के खिलाफ रानी के 48वें मिनट में किये गये करिश्माई विजयी गोल की बदौलत भारत ने 6-5 की करीबी जीत से टोक्यो का टिकट सुनिश्चित किया था। वहीं पुरूष टीम ने भी 21वीं बार ओलंपिक के लिये क्वालीफाई कर लिया है। पुरूष टीम ने कलिंगा स्टेडियम में रूस को क्वालिफायर में हराया था।

हरियाणा स्थित शाहबाद मारकांडा में अपने घर लौटीं रानी ने खुशी जताते हुये कहा,‘हमारे लिये अब भी विश्वास करना मुश्किल है कि ओलंपिक के लिये हमने क्वालीफाई कर लिया है। यदि हम दूसरा मैच भी जीत लेते तो शायद हम इसका जश्न अधिक मनाते, लेकिन जीत तो जीत होती है।' भारत ने पहला मैच 5-1 से जीता था जबकि दूसरे मैच में उसे 1-4 से हार मिली थी। लेकिन भारत ने कुल 6-5 के औसत के आधार पर ओलंपिक टिकट अपने नाम कर लिया।

रानी ने कहा, ‘हमने कोच शुअडर् मरीने से हाफ टाइम के समय ब्रेक में बात की थी जिसने सब बदल दिया। हाफ टाइम तक हम 0-4 से पीछे थे लेकिन फिर भी हम गोल कर सबकुछ बदल पाये। हमारे कोच कुछ नाराज़ थे लेकिन उन्होंने कहा कि अभी भी कुछ बिगड़ा नहीं है। आप ऐसे खेलो कि कोई गोल ही नहीं हुआ है। हमें इससे काफी आत्मविश्वास मिला। विश्वकप में हम 0-1 से पीछे थे लेकिन हमने अमेरिका से दूसरे हाफ में मैच ड्रा करा दिया।'

रानी ने टीम के लिये चौथे क्वाटर्र में गोल किया लेकिन तीसरे क्वाटर्र में उसने अमेरिका को और गोल करने से रोका। कप्तान ने कहा, ‘हमने तीसरे क्वाटर्र से मैच में जोश दिखाया। लेकिन अमेरिका हमें फिर भी गोल का मौका नहीं दे रहा था। जब मैंने देखा कि तीसरे क्वाटर्र में सिफर् 30 सेकेंड रह गये हैं तो मैंने पूरी ताकत लगा दी। चौथे क्वाटर्र में हमें पता था कि कोई न कोई गोल जरूर करेगा। हमने पूरे वर्ष इसके लिये मेहनत की थी।' रानी के गोल की बदौलत भारत ने रियो 2016 के बाद लगातार दूसरे टोक्यो ओलंपिक 2020 के लिये क्वालीफाई कर लिया है। रियो से पूर्व भारत ने आखिरी बार 1980 मॉस्को ओलंपिक में जगह बनाई थी। 

.
.
.
.
.