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नई दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) द्वारा तोक्यो ओलंपिक के लिये मुक्केबाजी के एक वैश्विक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट को रद्द करने के बाद इन खेलों में भारत के लिए कोटा हासिल कर चुके नौ खिलाड़ियों की संख्या बढ़ने की संभावना काफी कम है। मुक्केबाजों को जून में पेरिस में एक टूर्नामेंट खेलना था जिससे 53 कोटा स्थानों का निर्धारण होना था। अब ये स्थान 2017 से विश्व रैंकिंग के आधार पर उपमहाद्वीपों में बराबर बांटे जाएंगे।

भारत के लिए अमित पंघाल (52 किग्रा), मनीष कौशिक (63 किग्रा), विकास कृष्णन (69 किग्रा), आशीष कुमार (75 किग्रा), सतीश कुमार (91 किग्रा से अधिक), मैरीकॉम (51 किग्रा), सिमरनजीत कौर (60 किग्रा), लोवलिना बोरगोहिन (69 किग्रा) और पूजा रानी (75 किग्रा) ने क्वालीफाई कर लिया हैं। इन खिलाड़ियों ने पिछले साल एशियाई क्वालीफायर्स से ये कोटा हासिल किया था। इस टूर्नामेंट के बाद कोविड-19 के कारण वैश्विक प्रतियोगिताएं रूक गई थी।

वर्तमान रैंकिंग में जो खिलाड़ी बेहतर स्थिति में उन्होंने ही ओलंपिक के लिए क्वालीफाई किया है। पंघाल अपने भार वर्ग में शीर्ष पर है। जिन भार वर्गों में भारतीय खिलाड़ियों की जगह पक्की नहीं है उनमें पुरुषों में 57 किग्रा, 81 किग्रा और 91 किग्रा के साथ महिलाओं में 57 किग्रा है। भारतीय मुक्केबाजी के हाई परफोरमेंस निदेशक सैंटियागो नीवा को हालांकि उम्मीद है कि कुछ और खिलाड़ी क्वालीफिकेशन हासिल कर सकते है। 

उन्होंने कहा कि जाहिर है हम इससे निराशा है लेकिन हम अभी भी आशान्वित हैं। हम आईओसी के कदम का इंतजार करते है। मुझे वास्तव में खुशी है कि एशियाई क्वालीफायर में हमारा प्रदर्शन अच्छा था, यह उन खिलाड़ियों के लिए झटका है जो वहां कोटा नहीं हासिल कर सका। दिग्गज मैरीकॉम ने आईओसी के कदम का स्वागत करते हुए कहा कि यह कुछ खिलाड़ियों के लिए निराशाजनक भी है। आईओसी से जारी बयान में उन्होंने कहा कि मुझे उन एथलीटों के लिए बुरा लग रहा है जिन्हें आखिरी विश्व क्वालीफायर में प्रतिस्पर्धा करने का मौका नहीं मिलेगा। सभी एथलीटों के सर्वोत्तम हितों को देखते हुए तोक्यो 2020 के लिए क्वालीफिकेशन तरीके को फिर से तय करने के लिए मैं मुक्केबाजी कार्यसमिति का 100 प्रतिशत समर्थन करती हूं।

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