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नई दिल्ली: भारतीय टीम के स्टार बॉलर कुलदीप यादव (Kuldeep Yadav) आज अपना 25वां जन्मदिन मना रहे हैं। यादव का जन्म उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में 14 दिसंबर 1994 को हुआ। 2004-05 में कानपुर के ऊबड़-खाबड़ मैदान पर क्रिकेट का सफर शुरू करने वाला छोटा बच्चा अब भारतीय वनडे, टी20 व टेस्ट टीम का सदस्य बन गया है। कुलदीप यादव भारत के पहले ऐसे गेंदबाज हैं जो चाइनामैन स्‍टाईल में गेंदबाजी करते हैं। जी हां, तो चलिए आज हम आपको उनके क्रिकेट करियर के बारें में कुछ खास बातें से रूबरू करवाने जा रहे है।

तेज गेंदबाज से शुरुआत कर स्पिनर बने थे कुलदीप 

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कुलदीप करियर की शुरुआत में तेज गेंदबाजी करते थे। जब उन्होंने कानपुर में एक एकेडमी ज्वॉइन की तब कोच कपिल पांडे ने उन्हें तेज गेंदबाजी की बजाए स्पिन गेंदबाजी करने की सलाह दी। इसके बाद कुलदीप के करियर में निर्णायक मोड़ आया। वे पहली बार 2004 में अंडर-19 वर्ल्ड कप के दौरान सुर्खियों में आए। दुबई में हुए इस वर्ल्ड कप में उन्होंने स्कॉटलैंड के खिलाफ हैट्रिक ली थी। उन्होंने कुल 14 विकेट लिए और वे इस वर्ल्ड कप में संयुक्त रूप से दूसरे सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज बने थे। 

कुलदीप यादव हैट्रिक लेकर तीसरे भारतीय खिलाड़ी बने

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कुलदीप ने 21 सितंबर 2017 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन में हैट्रिक ली और चेतन शर्मा और कपिल देव के बाद एक वनडे में हैट्रिक लेने वाले वह तीसरे भारतीय गेंदबाज बने। कुलदीप ने ऑस्ट्रेलियाई पारी के 33वें ओवर की दूसरी, तीसरी और चौथी गेंद पर क्रमश: मैथ्यू वेड, एश्टन एगर और पैट कमिन्स के विकेट लिए। इससे पहले वह 2014 अंडर-19 क्रिकेट विश्व कप में स्कॉटलैंड के ख़िलाफ भी हैट्रिक ले चुके हैं। उस मैच में उन्होंने 10 ओवरों में 28 रन देकर 4 विकेट लिए थे। तब यह मुक़ाम हासिल करने वाले वह पहले भारतीय थे। 

कुलदीप यादव सपना पूरा करने कानपुर आए

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कुलदीप का बचपन से ही क्रिकेट के प्रति लगाव था, वे क्रिकेट में ही अपना भविष्य बनाना चाहते थे। उनके क्रिकेटर बनने के सपने को पूरा करने के लिए उनका परिवार कानपुर शहर में बस गया। कुलदीप शुरू में तेज़ गेंदबाज़ बनना चाहते थे। लेकिन उनके बचपन के कोच कपिल पांडेय ने उन्हें 'चाइनामैन' गेंदबाज़ बनने की सलाह दी थी। 

कुलदीप यादव एक समय क्रिकेट छोड़ना चाहते थे 

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कुलदीप क्रिकेट के शुरुआती दिनों में टीम में नहीं चुना जाने के कारण काफी निराश थे और उन्‍होंने तो क्रिकेट छोडऩे का मन बना लिया था। बाद में बहन के समझाने के बाद उन्होंने फिर से वापसी की और आज वहां पहुंच गए, जहां पहुंचने का सपना हर खिलाड़ी देखता है। कुलदीप हर परिस्थिति में गेंद को घुमाने वाले गेंदबाज हैं और 2019 विश्व कप के लिए भारतीय टीम का हिस्सा भी रहे है। 

कुलदीप यादव के नाम अनोखा रिकॉर्ड 

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क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में पांच विकेट हासिल करने वाले कुलदीप भारत के दूसरे और एक मात्र स्पिनर हैं। तेज गेंदबाज भुवनेश्वर कुमार को नाम भी तीनों फॉर्मेट में पांच विकेट लेने का रिकॉर्ड हैं। साउथ अफ्रीका के इमरान ताहिर और श्रीलंका के अजंता मेंडिस ने भी क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में पांच विकेट लिया है। कुलदीप ऐसा करने वाले दुनिया के तीसरे स्पिनर हैं।

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