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पुणे : दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ दूसरे टेस्ट में पुछल्ले बल्लेबाज को आऊट करने में भारतीय गेंदबाजों को मुश्किल का सामना करना पड़ा। इस पर भारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि दक्षिण अफ्रीका के वर्नोन फिलैंडर और केशव महाराज के बीच शतकीय साझेदारी के दौरान वह एक बार भी हताश नहीं हुए थे क्योंकि वह रिजर्व खिलाडिय़ों में शामिल होने के बजाय टेस्ट मैच में दोबारा गेंदबाजी करने से खुश हैं। 

Ashwin says he wasn't frustrated by Proteas' late resistance

अश्विन टेस्ट क्रिकेट में अब भारत के पहली पसंद के स्पिनर नहीं हैं और जब उनसे दक्षिण अफ्रीका की नौंवे विकेट की शतकीय साझेदारी के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा- मैं हताश नहीं होता और हताश होना भी नहीं चाहता क्योंकि मैं दोबारा गेंदबाजी करने से खुश हूं। कोई भी बल्लेबाज होगा, मैं उन्हें गेंदबाजी करके खुश हूं। अश्विन ने 28.4 ओवर में 69 रन देकर 4 विकेट चटकाए। उन्होंने फिलैंडर और महाराज के बीच नौंवे विकेट के लिए 109 रन की भागीदारी की प्रशंसा की।

Ashwin says he wasn't frustrated by Proteas' late resistance

उन्होंने कहा- मुझे लगता है कि पुछल्ले बल्लेबाजों को लेकर जो मिथक है, उसे बढ़ा चढ़ाकर बताया जाता है क्योंकि जब कोई अच्छी बल्लेबाजी करता है तो वह अच्छी बल्लेबाजी करता है। अब कोई भी बल्ले से इतना कमजोर नहीं है। हमारी टीम में भी लगभग हर कोई 11वें नंबर तक बल्लेबाजी करता है। अश्विन ने कहा कि जैसा कि मैंने कहा, यह अच्छी पिच है और फिलैंडर ने अच्छी बल्लेबाजी की। उसकी स्पिन और तेज गेंदबाजी के खिलाफ रक्षात्मक तकनीक बेहतरीन थी।

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