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नई दिल्ली: भारत के ड्रेसाज राइडर और 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स के गोल्ड मेडलिस्ट अनुष अग्रवाला ने 2026 एशियन गेम्स के लिए चयन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। टीम में जगह नहीं मिलने के बाद अनुष ने इसे खेल में मिली हार के बजाय “विश्वासघात” जैसा बताया है।

25 वर्षीय अनुष 2022 हांगझोउ एशियन गेम्स में ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीतने वाली भारतीय ड्रेसाज टीम का हिस्सा थे। उन्होंने इसी प्रतियोगिता में व्यक्तिगत ब्रॉन्ज मेडल भी हासिल किया था। इसके अलावा वह 2024 पेरिस ओलंपिक में भी भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।

पहले रिजर्व में शामिल थे अनुष

अनुष को जून में इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (EFI) की एडहॉक कमेटी ने पहली रिजर्व खिलाड़ी के रूप में चुना था। हालांकि, अंतिम चार सदस्यीय टीम में उन्हें जगह नहीं मिली। इसके बाद उन्होंने चयन प्रक्रिया को लेकर अपनी नाराजगी सार्वजनिक की।

अनुष ने कहा कि वह मैदान पर हार स्वीकार कर सकते हैं, क्योंकि हार-जीत खेल का हिस्सा है। लेकिन उन्हें इस बात का दुख है कि उन्हें मुकाबला करने का मौका ही नहीं दिया गया।

उन्होंने लिखा, 'आप संघर्ष करते हैं, जीतते हैं, हारते हैं और फिर पहले से ज्यादा मजबूत होकर वापसी करते हैं। लेकिन यह हार से कम और विश्वासघात जैसा ज्यादा महसूस हो रहा है।'

'मुझे मुकाबला करने का मौका नहीं मिला'

अनुष ने स्पष्ट किया कि उन्हें दुख प्रतियोगिता में हारने का नहीं, बल्कि प्रतियोगिता में हिस्सा लेने का अवसर नहीं मिलने का है। उन्होंने कहा, 'मैं इसलिए गहराई से आहत हूं क्योंकि मैं प्रतियोगिता में हारा नहीं, बल्कि मुझे प्रतियोगिता करने का मौका ही नहीं दिया गया।'

जर्मनी में लंबे समय तक ट्रेनिंग करने वाले अनुष ने चयन के खिलाफ साथी रिजर्व खिलाड़ी सुदीप्ति हजेला के साथ दिल्ली हाई कोर्ट का रुख भी किया था। हालांकि, अदालत ने उनकी याचिकाएं खारिज कर दीं।

दिल्ली हाई कोर्ट ने क्या कहा?

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि चयन प्रक्रिया निर्धारित मानदंडों के अनुसार हुई थी। अदालत को इसमें ऐसी मनमानी या पक्षपात नहीं मिला, जिसके आधार पर न्यायिक हस्तक्षेप किया जा सके। इसके बाद अनुष ने EFI, भारतीय ओलंपिक संघ और खेल मंत्रालय से चयन की समीक्षा करने की मांग की। हालांकि, उनके अनुसार उन्हें इन संस्थाओं की ओर से कोई ठोस या संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिली।

निष्पक्ष और पारदर्शी व्यवस्था की मांग

अनुष ने भारत में खिलाड़ियों के लिए निष्पक्ष और पारदर्शी चयन व्यवस्था की मांग की। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को उनके वर्षों के परिश्रम और हर अवसर की अहमियत का सम्मान मिलना चाहिए।

उन्होंने लिखा, 'अगर भारत एक सच्चा खेल राष्ट्र बनना चाहता है, तो खिलाड़ियों को ऐसी व्यवस्था मिलनी चाहिए, जो निष्पक्ष और पारदर्शी हो तथा हर अवसर के पीछे की वर्षों की मेहनत का सम्मान करे।' उन्होंने आगे कहा कि वह नहीं चाहते कि किसी अन्य खिलाड़ी को भविष्य में ऐसी स्थिति से गुजरना पड़े।

ओलंपिक अब भी अनुष का अगला लक्ष्य

एशियन गेम्स से बाहर होने के बावजूद अनुष ने भारत का प्रतिनिधित्व करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उन्होंने बताया कि वह आखिरी क्षण तक लड़ते रहे और अब नतीजे को स्वीकार कर चुके हैं, लेकिन चयन प्रक्रिया को लेकर उनकी आपत्ति बरकरार है।

अनुष ने कहा कि उन्हें ट्रेनिंग से थोड़े ब्रेक की जरूरत है। हालांकि, वह जल्द वापसी करेंगे, क्योंकि ओलंपिक उनका अगला बड़ा लक्ष्य है। उन्होंने अपने कोच और परिवार का भी समर्थन के लिए धन्यवाद दिया। एशियन गेम्स 2026 इस सप्ताह के अंत में शुरू होने वाले हैं। अनुष की गैरमौजूदगी भारतीय ड्रेसाज टीम के लिए बड़ा झटका मानी जा रही है।