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नई दिल्ली : अखिल भारतीय फुटबाल महासंघ (एआईएफएफ) की तकनीकी समिति ने बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ राष्ट्रीय टीम के प्रदर्शन पर शुक्रवार को निराशा व्यक्त की जिससे देश 2022 फीफा विश्व कप के लिए क्वालीफाई करने की दौड़ से बाहर हो गया। भारत ने घरेलू मुकाबले में बांग्लादेश से ड्रा खेला और फिर विश्व कप के दूसरे दौर के क्वालीफायर में अफगानिस्तान से उसके मैदान पर 1-1 से समान स्कोर से मैच बराबर कराया जिससे वह ग्रुप में पांच मैचों में तीन अंक लेकर चौथे स्थान पर रहा। इससे भारत के तीसरे दौर में प्रवेश करने का मौका लगभग खत्म हो गया।

तकनीकी समिति ने हालांकि मुख्य कोच इगोर स्टिमक के स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया कि उन्हें अफगानिस्तान और ओमान के खिलाफ उनकी सरजमीं पर हुए मुकाबलों की तैयारियों के लिए बहुत कम समय मिला। तकनीकी समिति के चेयरमैन श्याम थापा ने कहा, ‘हमने स्टिमक को कहा कि भारत अपने से ऊंची रैंकिंग की प्रतिद्वंद्वी कतर (दोहा में 0-0 से ड्रा) और ओमान (गुवाहाटी में 1-2 से हार और मस्कट में 0-1 से हार) के खिलाफ अच्छा खेला। लेकिन हम बांग्लादेश और अफगानिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन से निराश थे। हमने मुख्य कोच को बता दिया कि हमें उनके खिलाफ ज्यादा आक्रामक फुटबाल खेलनी चाहिए थी क्योंकि हमें इन दोनों टीमों के खिलाफ जीत हासिल करनी चाहिए थी।'

उन्होंने कहा, ‘लेकिन स्टिमक ने स्पष्ट किया कि उन्हें अंतिम दो मैचों के लिए खिलाड़ियों को तैयार करने का बहुत कम समय मिला क्योंकि वे आईएसएल में खेल रहे थे। एआईएफएफ ने भी कहा कि आईएसएल कार्यक्रम बहुत पहले ही तय कर दिया गया था और कोच को मई-जून में ही नियुक्त किया गया था। हमें लगा कि यह पहलू भी सही था इसलिये हमने उनका स्पष्टीकरण स्वीकार कर लिया। उन्होंने यह भी कहा कि अफगानिस्तान के खिलाफ दुशान्बे में मौसम बहुत खराब था जिससे परिस्थितियां काफी मुश्किल थीं।' पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी थापा ने कहा कि स्टिमक ने समिति को आश्वस्त किया कि राष्ट्रीय टीम अगले साल विश्व कप के दूसरे दौर के बचे हुए तीन क्वालीफायर मैचों में बेहतर प्रदर्शन करेगी जो कतर और अफगानिस्तान के खिलाफ घरेलू मैदान में व बांग्लादेश के खिलाफ उसकी सरजमीं पर खेले जाएंगे। 

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