स्पोर्ट्स डेस्क : सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में पंजाब के विस्फोटक ओपनर अभिषेक शर्मा ने एक बार फिर अपनी आक्रामक बल्लेबाजी का शानदार नमूना पेश किया। सिर्फ 12 गेंदों पर अर्धशतक लगाने वाले अभिषेक ने 32 गेंदों में सेंचुरी जड़कर घरेलू T20 क्रिकेट में तहलका मचा दिया। हालांकि वे पुरुषों के T20 क्रिकेट का सबसे तेज शतक बनाने का विश्व रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाए, लेकिन भारतीय क्रिकेट में यह पारी उन्हें एक नई ऊंचाई पर ले जाती है। अभिषेक ने अपनी पारी के दौरान 11 छक्के और 7 चौके लगाए जबकि पंजाब ने टूर्नामेंट इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा टीम स्कोर खड़ा किया।
अभिषेक शर्मा का धमाका—32 गेंदों में सेंचुरी
अभिषेक शर्मा अपनी अग्रेसिव बैटिंग स्टाइल के लिए जाने जाते हैं और इस मैच में उन्होंने इसे एक बार फिर साबित कर दिया। शुरुआती ओवर से ही उन्होंने गेंदबाजों पर हावी होकर खेलना शुरू किया और जल्दी ही पावरप्ले में मैच का रुख बदल दिया। 32 गेंदों में 11 छक्के और 7 चौकों की मदद से उन्होंने अपना शतक पूरा किया। यह पारी सिर्फ आक्रामक नहीं, बल्कि पूरी तरह नियंत्रित भी रही, जहां हर शॉट योजना के साथ खेला गया।
विश्व रिकॉर्ड से केवल 5 गेंद दूर रहे अभिषेक
भले ही अभिषेक की शतकीय पारी यादगार रही हो, लेकिन वे पुरुषों के T20 इतिहास के सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड से कुछ कदम दूर रह गए। यह रिकॉर्ड एस्टोनिया के बल्लेबाज साहिल चौहान के नाम है जिन्होंने मात्र 27 गेंदों में शतक जड़कर इतिहास बनाया था। अभिषेक 32 गेंदों में शतक बनाकर इस उपलब्धि के करीब पहुंचे, लेकिन रिकॉर्ड तोड़ने से चूक गए।
भारतीय क्रिकेट में तीसरा सबसे तेज T20 शतक
अभिषेक शर्मा का यह शतक भारतीय क्रिकेट इतिहास में तीसरा सबसे तेज T20 शतक है। इससे पहले वे खुद भी दूसरे सबसे तेज शतक के रिकॉर्ड में संयुक्त रूप से शामिल थे। उन्होंने 28 गेंदों में T20 शतक बनाने की उपलब्धि हासिल की थी, जो उर्विल पटेल के साथ साझा है। उर्विल पटेल ने 2024 में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में गुजरात की ओर से त्रिपुरा के खिलाफ यह रिकॉर्ड कायम किया था।
ओपनिंग साझेदारी ने रखा मजबूत लक्ष्य
अभिषेक के साथ ओपनिंग करने उतरे प्रभसिमरन सिंह ने भी शानदार बल्लेबाजी की और 35 गेंदों में 70 रन ठोके। दोनों बल्लेबाज़ों ने पहले विकेट के लिए 200 प्लस की साझेदारी कर पंजाब को विशाल स्कोर की दिशा में आगे बढ़ा दिया। प्रभसिमरन के आक्रामक शॉट्स और अभिषेक की घातक स्ट्राइकिंग ने विपक्षी गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।अभिषेक शर्मा अंत तक बल्ला चलाते रहे और कुल 52 गेंदों में 148 रन बनाकर आउट हुए। उनके इस बड़े योगदान से पंजाब की टीम ने 20 ओवर में 310/5 का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। यह स्कोर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के इतिहास में दूसरा सबसे बड़ा कुल स्कोर है। इससे पहले बड़ौदा ने दिसंबर 2024 में इंदौर में सिक्किम के खिलाफ 349/5 रन बनाकर रिकॉर्ड कायम किया था।