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नयी दिल्ली, 12 अप्रैल (भाषा) एएफसी (एशियाई फुटबॉल परिसंघ) चैम्पियंस लीग ग्रुप चरण में पदार्पण के लिए तैयार एफसी गोवा के कोच जुआन फेर्रांडो ने कहा कि एशिया के बड़े नामों के खिलाफ खेलना कई खिलाड़ियों के लिए ‘जीवन में एक बार मिलने वाले मौके’ की तरह है।

एफसी गोवा ने 2019-20 के सत्र में आईएसएल (इंडियन सुपर लीग) ‘विनर्स शील्ड’ को हासिल कर 2021 एएफसी चैम्पियंस लीग ग्रुप चरण के लिए क्वालीफाई किया था। यह पहली बार है जब कोई भारतीय टीम इस प्रतियोगिता के ग्रुप चरण में खेलेगी।

एफसी गोवा इस महाद्वीपीय क्लब प्रतियोगिता में 14 अप्रैल को अपने अभियान की शुरूआत कतर के अल-रेयान के खिलाफ करेगा।

फेर्रांडो ने अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (एआईएफएफ) की वेबसाइट से कहा, ‘‘हम काफी उत्साहित है। यह यूएफा चैम्पियंस लीग और कोपा लिबर्टाडोर्स की तरह दुनिया की बड़ी प्रतियोगिताओं में से एक है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह कई खिलाड़ियों के लिए जीवन में एक बार मिलने वाले अनुभव की तरह है। ये ऐसी चीजें हैं जिसके लिए आप फुटबॉल खेलना शुरू करते हैं। हम सभी इसे लेकर बहुत उत्साहित हैं और देश को गौरवान्वित करने की उम्मीद करते हैं।’’
उन्हों कहा, ‘‘ यह बहुत बड़ा मौका है। ना सिर्फ एफसी गोवा के लिए बल्कि पूरे देश के लिए। यह हमारे खिलाड़ियों के लिए एशिया के बड़े नामों के खिलाफ खेलने का मौका है।’’
एफसी गोवा ग्रुप ई में है जहां उसे अल-रेयान (कतर), पर्सिपोलिस एफसी (ईरान) और अल-वाहद (यूएई) के खिलाफ खेलना है
फेर्रांडो ने कहा, ‘‘ मैं हमेशा खिलाड़ियों को बेहतर बनाने में मदद करता हूं। आईएसएल में एक शानदार अभियान के बाद भी मुझे पता है कि टीम में अभी बहुत सुधार करने की गुंजाइश है।’’
यह पहली बार है जब भारत एएफसी चैम्पियंस लीग की मेजबानी करेगा।

फेर्रांडो ने कहा, ‘‘ मैं बहुत उत्साहित हूं कि गोवा और भारत को इतने बड़े टूर्नामेंट की मेजबानी मिल रही है, लेकिन दुख की बात यह है कि प्रशंसकों को स्टेडियम में आकर इसका लुत्फ उठाने का मौका नहीं मिलेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ भारत को मेजबानी का अधिकार मिलना इस बात को दर्शाता है कि एएफसी और फीफा जैसे संस्थानों को इस देश पपर भरोसा है।



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