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स्पोर्ट्स डेस्क (राहुल) : भारतीय क्रिकेट टीम के सिक्सर किंग युवराज सिंह ने कई बार टीम को मुश्किल हालात में जीत दिलाई है। अगर हम यह कहें कि 2011 विश्व कप जिताने में युवराज का योगदान सबसे ज्यादा रहा, तो इममें कुछ गलत नहीं। युवराज ने विश्व कप के दाैरान बल्ले आैर गेंद के दम पर टीम को फाइनल तक पहुंचाया था। उन्होंने टूर्नामेंट में 352 रनों के अलावा 15 विकेट आैर 4 बार 'मैन आॅफ द मैच' अवाॅर्ड हासिल किया। साथ ही, उन्हें 'मैन आॅफ द टूर्नामेंट' अवाॅर्ड से भी नवाजा गया। लेकिन पिछले कुछ लंबे समय से युवराज खराब प्रदर्शन के कारण टीम से बाहर चल रहे हैं। पर उन्होंने अभी भी हार नहीं मानी है आैर टीम में फिर से वापसी के लिए जुटे हुए हैं। युवराज ने वीरवार को अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो अपलोड किया आैर जताया कि वह अभी भी टीम में वापसी करने का दम रखते हैं। 
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वीडियो में युवराज जिम में पसीना बहाते नजर आ रहे हैं। उन्होंने एक्सरसाइज करने का एक वीडियो शेयर कर लिखा, ''पिछले साल मुझे बताया गया था कि मैं बूढ़ा हो गया हूं आैर मुझे निजी जिंदगी पर ध्यान देना चाहिए। मुझे मत कहो कि मैं कुछ नहीं कर सकता, क्योंकि मैं #doitagain जा रहा हूं, जब तक कि मैं अपने लक्ष्यों तक नहीं पहुंच जाता। एक नए दाैर की शुरुआत करने की ओर देखो। इसलिए हमेशा याद रखें कि कुछ नया सीखने और कुछ हासिल करने में कभी देर नहीं होती।''

ये रास्ता बनाएगा युवी की टीम में जगह
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युवराज के इन शब्दों से साफ झलकता है कि उनका ध्यान अभी भी 2019 विश्व कप में जगह बनाने पर है। यदि उन्हें वापसी करनी है तो आगामी रणजी मैचों में आॅलराउंडर प्रदर्शन करना होगा। 19 सितंबर से 20 अक्टूबर तक विजय हजारे ट्रॉफी का आयोजन होगा, और उसके बाद देवधर ट्रॉफी खेली जाएगी। रणजी ट्रॉफी 2018-19 की शुरुआत 1 नवंबर से होगी। लीग स्टेज के मैच 10 जनवरी तक खेले जाएंगें। क्वार्टर फाइनल मैचों की शुरुआत 15 जनवरी से होगी। जबकि फाइनल मैच 2 फरवरी से 6 फरवरी तक खेला जाएगा। इसके बाद ईरानी कप का आयोजन 11 फरवरी से होगा। अगर युवराज इन टूर्नामेंट्स में हिस्सा लेते हैं आैर आॅलराउंडर प्रदर्शन दोहराते हैं तो फिर उनको टीमें में शामिल होने से कोई नहीं रोक सकता। क्यों? यह भी हम आपको बताते हैं-

अभी तक नहीं सुलझी नंबर चार की पहेली
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कप्तान विराट कोहली आैर कोच रवि शास्त्री टीम के नंबर चार की पहेली को अभी तक नहीं सुलझा सके। टीम के पास ऐसा कोई भी पक्का बल्लेबाज नहीं है जो चाैथे नंबर पर भूमिका निभा सके। टीम मैनेजमेंट इस नंबर पर कई बार सुरेश रैना, अजिंक्य रहाणे, मनीष पांडे आैर केदार जाधव को आजमा चुका है, लेकिन परफेक्ट खिलाड़ी नहीं मिला। वहीं, युवराज ने अपने करियर में कई बार नंबर चार पर बल्लेबाजी की है। उनके इस अनुभव को देखते हुए उन्हें अंतिम मौका दिया जाए तो वे कमाल दिखा सकते हैं।

देखें वीडियो-

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