Sports

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय डिस्कस थ्रोअर योगेश कथुनिया ने टोक्यो पैरालंपिक में रजत पदक जीतने पर अपनी मां को धन्यवाद किया। योगेश ने पुरुषों के एफ56 फाइनल में 44.38 के अपने सीजन-सर्वश्रेष्ठ प्रयास को दर्ज के बाद रजत पदक जीता। योगेश ने शीर्ष स्थान हासिल करने के लिए अपने छठे और अंतिम प्रयास में 44.38 का स्कोर किया, इससे पहले ब्राजील के क्लाउडी बतिस्ता ने भारतीय एथलीट को पछाड़ने के लिए अपने पहले प्रयास में 44.57 का स्कोर किया था। 

योगेश ने अपनी मां का विशेष जिक्र किया और अपने गलत प्रयास के बारे में भी बताया। उन्होंने कहा, मैं रजत पदक जीतकर बेहद खुश हूं, यह मेरा पहला खेल था लेकिन मैं पदक जीतकर खुश हूं। मैंने कुछ गलत प्रयास दर्ज किए लेकिन मैंने पदक जीतने के लिए वापसी की। मैं साई, पीसीआई और अपनी मां को धन्यवाद देना चाहता हूं। मेरी मम्मी को बहुत-बहुत धन्यवाद क्योंकि उन्होंने मेरी पूरी यात्रा में मेरा साथ दिया। 

योगेश की शुरुआत खराब रही क्योंकि उनका पहला थ्रो फाउल माना गया था लेकिन भारतीय पैरा-एथलीट ने अपने दूसरे प्रयास में 42.84 का विशाल स्कोर दर्ज किया। हालांकि उनके तीसरे और चौथे थ्रो को फिर से फाउल माना गया। योगेश ने 2019 इंडियन ग्रां प्री में स्वर्ण पदक जीता था, अंतिम दो थ्रो में उन्होंने क्रमशः 43.55 और 44.38 के स्कोर दर्ज किए। 
 

.
.
.
.
.